धर्मनगरी में पहली बार हुई कैबिनेट बैठक में धामी मंत्रीमंडल ने 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगाई मुहर

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार (सीसीआर) में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, आधारभूत ढांचे और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में छूट देने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था प्रस्तावित है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए नए विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति भी दी गई।
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी मिली। संस्थान को योग-ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, ललित कला, हिंदू अध्ययन और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
कैबिनेट ने परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने के प्रावधान को मंजूरी दी। विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाई गई। हरिद्वार के सिसौना में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में तीन मीटर की शिथिलता तथा ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को भी मंजूरी दी गई।
इसके अतिरिक्त संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन और उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में छूट देने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था प्रस्तावित है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए नए विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति भी दी गई।
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी मिली। संस्थान को योग-ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, ललित कला, हिंदू अध्ययन और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
कैबिनेट ने परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने के प्रावधान को मंजूरी दी। विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाई गई। हरिद्वार के सिसौना में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में तीन मीटर की शिथिलता तथा ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को भी मंजूरी दी गई।
इसके अतिरिक्त संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन और उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
