बिना आरटीओ पंजीकरण के नाम पर बेची जा रही इलेक्ट्रिक स्कूटियों की जांच, दो जब्त

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने ‘बिना आरटीओ पंजीकरण’ अथवा ‘बिना लाइसेंस’ के नाम पर बेची जा रही इलेक्ट्रिक स्कूटियों की जांच के लिए अभियान चलाया। एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा और एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में हुई कार्रवाई में दो इलेक्ट्रिक स्कूटियों को तकनीकी परीक्षण के लिए जब्त किया गया।
जांच में कुछ स्कूटियों में पंजीकरण से छूट प्राप्त श्रेणी के लिए निर्धारित अधिकतम गति और मोटर पावर संबंधी मानकों के उल्लंघन के प्रथमदृष्टया संकेत मिले। संबंधित विक्रेताओं से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। तकनीकी परीक्षण में वाहनों की अधिकतम गति, मोटर पावर, मॉडल के परीक्षण प्रमाणपत्र और प्रमाणित तकनीकी विनिर्देशों का मिलान किया जाएगा। साथ ही तकनीकी क्षमता में अनधिकृत बदलाव की भी जांच होगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल इलेक्ट्रिक वाहन होने या विक्रेता द्वारा उसे ‘नॉन आरटीओ’ बताए जाने से पंजीकरण से छूट नहीं मिलती। छूट निर्धारित तकनीकी शर्तों और अधिकृत प्रमाणन पर निर्भर है। खरीदारों से अपील की गई है कि वाहन लेने से पहले अधिकतम गति, मोटर पावर और पंजीकरण से छूट संबंधी प्रमाणपत्र अवश्य जांचें। उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधितों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
