हरज्यू मंदिर चौकुनी में भंडारे के साथ हुआ बैसी का समापन
उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
रानीखेत। विकासखण्ड खण्ड ताड़ीखेत के चौकुनी गांव के हरज्यू मंदिर में चल रही बाईस दिनों की बैसी का भंडारे के साथ समापन हो गया है। श्रावण मास में विभिन्न गांवों में लोकदेवता के मंदिरों में बैसी का आयोजन हो रहा है। विकासखण्ड ताड़ीखेत के चौकुनी गांव में हरज्यू धूणी हरज्यू देवता के मंदिर भी बैसी का आयोजन किया गया। विशाल भंडारे के साथ बैसी का समापन हो गया है। आरती,जागर यज्ञ आदि कार्यक्रम के बाद देवताओं के जयघोष के साथ बैसी में बैठे भगतों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। भंडारे में आसपास के विभिन्न गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। देवभूमि उत्तराखण्ड के गांवों में लोकदेवता के प्रति सदैव ही लोगों की गहरी आस्था रहती है और जन लोककल्याण के लिए समय समय पर इन लोकदेवता के मंदिरों में विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता रहा है। श्रावण मास में लोकदेवता के मंदिरों में होती है बैसी। बैसी का अर्थ है बाईस दिनों तक होने वाला भक्ति कार्यक्रम जो एक साधना आस्था के रूप में जानी जाती है। बैसी में भक्तों द्वारा नियमित पूजा अर्चना व भोग एंव भंडारे का आयोजन तथा महिलाओं द्वारा भजन कीर्तनों का आयोजन भी किया गया जिससे चारों ओर भक्तिमय वातावरण बना रहा। चौकुनी में भगत चन्दन सिंह ऐरडा़ भगत जितेन्द्र सिंह जनी, भगत करन ऐरड़ा,भगत सूरज सिंह जनी ने हरज्यू देवता मंदिर में बैसी की। देवताओं के जयघोष के साथ बैसी में बैठे भगतों को बड़े हर्षोल्लास के साथ उनके घरों तक पहुंचाया गया। जिससे चारों ओर भक्तिमय वातावरण बना रहा। चौकुनी गांव के हरज्यू मंदिर में बाईस दिनों से चल रही बैसी का भंडारे के साथ समापन हो गया है।
