मंदिर में चोरी करने वाले को मिले उचित दण्ड,अधिवक्ता साथी ना करे पैरवी:- सचिन बेदी

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। श्री राम मंदिर अयोध्या उत्तर प्रदेश में चढ़ावा चोरी/ लूटपाट करने वाले आरोपियों की पैरवी ने करने हेतु वरिष्ठ समाजसेवी एवं आम आदमी पार्टी नेता अधिवक्ता सचिन कुमार बेदी जिला एवं सत्र न्यायालय, हरिद्वार उत्तराखंड ने बार काउंसिल आफ इंडिया दिल्ली अध्यक्ष को पत्र भेजकर भगवान श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी/लूटपाट करने वाले आरोपियों व संबंधितों की अधिवक्ता साथियों द्वारा पैरवी न किए जाने के संबंध में भारत की समस्त बार एसोसिएशंस/ संस्थाओं को दिशा निर्देश निर्गत जारी करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है।
सचिन बेदी ने कहा कि श्री राम मंदिर जो कि अयोध्या उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है और यह मंदिर भारत की लाखों करोड़ों की जनता सहित देश विदेश के लोगों की आस्था का प्रतीक और केन्द्र बिंदु भी है। भगवान श्री राम जनमानस के आराध्या देव है।परंतु श्री राम मंदिर समिति से जुड़े एवं कुछ अराजक तत्वों द्वारा राम मंदिर में प्रतिदिन चढ़ने वाले चढ़ावे को चोरी/ लूटपाट कर भगवान श्री राम का घोर अपमान किया है, साथ ही चोरी/लूटपाट करने वाले लोगों के कृत्यों ने देश की जनता की धार्मिक भावना को भी आघात पहुंचाने के साथ ही देश की जनता की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ भी किया है । ऐसे लोगों को बक्शा नहीं जाना चाहिए।ऐसे लोगों का कृत्य माफी योग्य नहीं है क्योंकि इन्होंने भगवान पुरुषोत्तम श्री राम के मंदिर में चोरी/लूटपाट जैसा घिनौना काम करके भगवान श्री राम का घोर अपमान ही नहीं किया अपितु लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी काम किया है।उक्त प्रकरण से जुड़े समस्त आरोपियों ने देश-विदेश में भारत की छवि को धूमिल करने का भी काम किया है ऐसे लोगों के कृत्यों को देश की जनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकती। उक्त प्रकरण से जुड़े आरोपियों का कृत्य माफी योग्य भी नहीं है।
इसलिए बार काउंसिल आफ इंडिया अध्यक्ष को इस संबंध में एक पत्र प्रेषित किया गया है कि वह भारत की समस्त समस्त राज्यों की बार एसोसिएशंस/ संस्थाओं से जुड़े सभी सम्मानित अधिवक्ता साथियों को दिशा निर्देश निर्गत करे कि को कोई भी अधिवक्ता साथी चाहे वह किसी भी राज्यकी बार काउंसिल/एसोसिएशंस/संस्था का सदस्य हो वह श्री राम मंदिर अयोध्या में चढ़ावा चोरी /लूटपाट करने वाले आरोपियों की पैरवी ना करे। ताकि मंदिर में चढ़ावा चोरी /लूटपाट जैसी घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को उचित दण्ड मिले, और साथ ही भविष्य ऐसा दुर्साहस करने वाले लोगों को भी सबक मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
error: Content is protected !!