सिडकुल के उद्योगों में श्रमिक उत्पीड़न पर कांग्रेस का हमला, आंदोलन की चेतावनी


देहरादून। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भ्ंतंा ैपदही त्ंूंज ने सिडकुल क्षेत्र के उद्योगों में श्रम कानूनों के उल्लंघन और श्रमिकों के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सेलाकुई, देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग प्रबंधन लगातार कर्मचारियों के मौलिक और श्रम अधिकारों की अनदेखी कर रहा है, जिससे श्रमिकों में भारी आक्रोश है। कई बार सरकार और उद्योग प्रबंधन से वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते श्रमिक अब आंदोलन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
डॉ. रावत ने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल के जरिए उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण रवैया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार मजदूर विरोधी नीति अपना रही है। महिला श्रमिकों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने कहा कि उद्योगों में महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें बुनियादी सुविधाएं, जैसे शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं और वेतन में भी असमानता बरती जाती है। यह स्थिति सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों की पोल खोलती है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि श्रमिकों से 8 घंटे से अधिक काम लिया जा रहा है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार मजदूरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने अकुशल कर्मचारियों को 20 हजार, अर्धकुशल को 23 हजार, कुशल को 25 हजार और अति कुशल कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों से अमानवीय परिस्थितियों में काम लिया जा रहा है। कई उद्योग नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, बोनस और पेंशन जैसी सुविधाएं भी नहीं दे रहे हैं। श्रमिकों को बिना नोटिस नौकरी से निकाला जा रहा है।
डॉ. रावत ने मांग की कि श्रम विभाग उच्चस्तरीय समिति बनाकर उद्योगों का विशेष निरीक्षण कराए और श्रमिक संगठनों की मौजूदगी में शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो कांग्रेस और इंटक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पत्रकार वार्ता में शीशपाल सिंह बिष्ट, लालचंद शर्मा और राकेश कुमार राजपूत भी मौजूद रहे।

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