प्रेमनगर पुल से गौतम फार्म वाली छोटी नहर के किनारे रामदेव की पुलिया से लेकर श्रीयंत्र मंदिर तक बुरा हाल

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। हरिद्वार शहर में सड़कों का बुरा हाल हो गया है। पता ही नहीं चल रहा है कि गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढे। सिंचाई विभाग की सड़क, प्रेमनगर आश्रम तिराहे के पास गौतम फार्म की ओर जाने वाली सड़क का बुरा हाल है। एक गड्ढे को कई महीने हो गए, जहां से हर नेता, अधिकारी गुजरता है, लेकिन कोई इन जानलेवा गड्ढों को भरवाने की पहल नहीं करवा रहा है।
प्रेमनगर आश्रम तिराहे के पास से छोटी गंगा नहर है। इस नहर के दोनों किनारे पर सड़क बनी हुई है। जोकि कनखल क्षेत्रवासियों का प्रमुख रास्ता है। लक्सर—सिंहद्वार रोड कृष्णानगर के जाम से बचने के लिए इस सड़क का उपयोग लक्सर रोड तक के सभी ग्रामीण करते हैं।
इसी से आगे रामदेव की पुलिया से विख्यात पुल से योगगुरू रामदेव के आश्रम के सामने से गुजरती सड़क का श्रीयंत्र मंदिर तक बुरा हाल है। इतने गड्ढे है कि हिचकोले खाते हुए कमर में दर्द हो जाए। इन क्षेत्रों के पार्षद हो या अन्य जन प्रतिनिधि, सभी दिन में कई कई बार गुजरते हैं। श्मशान घाट जाने के लिए भी इसी सड़क से गुजरना होता है। लेकिन किसी की दूरदृष्टि इन गडढों पर नहीं पड़ी।
इस सड़क का इतना बुरा हाल हो गया है कि इनके गड्ढों को भरवाने के लिए सिंचाई विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एचआरडीए कोई संस्था नहीं करवा रही है।
प्रेमनगर आश्रम तिराहे के पास से छोटी गंगा नहर है। इस नहर के दोनों किनारे पर सड़क बनी हुई है। जोकि कनखल क्षेत्रवासियों का प्रमुख रास्ता है। लक्सर—सिंहद्वार रोड कृष्णानगर के जाम से बचने के लिए इस सड़क का उपयोग लक्सर रोड तक के सभी ग्रामीण करते हैं।
इसी से आगे रामदेव की पुलिया से विख्यात पुल से योगगुरू रामदेव के आश्रम के सामने से गुजरती सड़क का श्रीयंत्र मंदिर तक बुरा हाल है। इतने गड्ढे है कि हिचकोले खाते हुए कमर में दर्द हो जाए। इन क्षेत्रों के पार्षद हो या अन्य जन प्रतिनिधि, सभी दिन में कई कई बार गुजरते हैं। श्मशान घाट जाने के लिए भी इसी सड़क से गुजरना होता है। लेकिन किसी की दूरदृष्टि इन गडढों पर नहीं पड़ी।
इस सड़क का इतना बुरा हाल हो गया है कि इनके गड्ढों को भरवाने के लिए सिंचाई विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एचआरडीए कोई संस्था नहीं करवा रही है।
