कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर जताया विरोध, 17 अक्टूबर को करेंगे कार्य बहिष्कार

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ जनपद शाखा हरिद्वार ने कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को जिला मुख्यालय कलक्ट्रेट सहित जनपद की सभी तहसीलों में कर्मचारियों ने बांह पर काली फीती बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। यह विरोध 14 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
प्रांतीय संघ के आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवीन मोहन शर्मा एवं जिला सचिव शशांक कश्यप के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इसमें हरिद्वार, रुड़की, लक्सर और भगवानपुर तहसीलों के साथ नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने भी प्रतिभाग किया।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शासन-प्रशासन स्तर पर लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघ की प्रमुख मांगों में वर्ष 2005 से लंबित कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन, कलक्ट्रेट को विशेष कार्यालय का दर्जा देने, कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने तथा विभिन्न पदों के ग्रेड पे में संशोधन शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलक्ट्रेट संवर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने, रिक्त पदों पर समयबद्ध पदोन्नति तथा लंबित स्थानांतरण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई।
संघ ने घोषणा की कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 17 अक्टूबर को कलक्ट्रेट मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रांतीय संघ के आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवीन मोहन शर्मा एवं जिला सचिव शशांक कश्यप के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इसमें हरिद्वार, रुड़की, लक्सर और भगवानपुर तहसीलों के साथ नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने भी प्रतिभाग किया।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शासन-प्रशासन स्तर पर लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघ की प्रमुख मांगों में वर्ष 2005 से लंबित कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन, कलक्ट्रेट को विशेष कार्यालय का दर्जा देने, कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने तथा विभिन्न पदों के ग्रेड पे में संशोधन शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलक्ट्रेट संवर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने, रिक्त पदों पर समयबद्ध पदोन्नति तथा लंबित स्थानांतरण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई।
संघ ने घोषणा की कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 17 अक्टूबर को कलक्ट्रेट मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
