कैबिनेट फैसले: सहकारिता से समृद्धि, स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत और उपनल कर्मियों को बड़ी राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, सुशासन, स्वास्थ्य, रोजगार, सहकारिता और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने राज्य की नई उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देते हुए सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन के गठन और हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की शाखा स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू करने, राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने तथा ऊर्जा सुरक्षा के लिए 25 वर्षों तक बिजली खरीद की स्वीकृति जैसे कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी, जिससे सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। नीति में महिला, युवा, कृषि मूल्य श्रृंखला और रोजगार सृजन पर विशेष जोर रहेगा।
सरकारी सेवकों के वेतन मैट्रिक्स में संशोधन कर लेवल-13ए के बाद वेतन लेवल-14 और लेवल-15 का प्रावधान भारत सरकार के अनुरूप किया गया।
हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों को मिल रही ग्रीन सेस की छूट समाप्त करने का निर्णय, ताकि कर व्यवस्था में समानता और राजस्व संतुलन सुनिश्चित हो सके।
चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए सांख्यिकीय संवर्ग सेवा नियमावली-2026 को मंजूरी।
राज्य में दवाइयों, सर्जिकल सामग्री और उपकरणों की पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन का गठन।
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज परिसर में एनसीडीसी की शाखा स्थापित करने के लिए एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर देने का निर्णय।
लोकायुक्त सर्च कमेटी नियमावली-2026 को मंजूरी, जिससे लोकायुक्त अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
डिजिटल भूमि अभिलेख प्रणाली को मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 लागू होगी।
उत्तराखण्ड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के 85 तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण कर निगम का व्यय कम किया जाएगा।
देहरादून की रिस्पना नदी किनारे की मलिन बस्ती के पात्र परिवारों को काठबंगला में बने 116 आवास आवंटित किए जाएंगे।
शहरी विकास परियोजनाओं के संचालन के लिए न्न्ैक्। में 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी।
ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के लिए बनने वाले हॉस्पिस केयर सेंटर हेतु अंत्योदय फाउंडेशन को गिफ्ट डीड पर स्टाम्प शुल्क में छूट।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम-2026 को राज्य सरकार की स्वीकृति।
उपनल कर्मियों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया। 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। कृत्रिम सेवा व्यवधान (ब्रेक) की शर्त हटाकर पात्र कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ भी दिया जाएगा। अतिरिक्त कर्मियों के समायोजन और आवश्यक होने पर अधिसंख्य पद सृजित करने के लिए अलग समिति बनाई जाएगी।
अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ
सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने के लिए समर्पित सेल बनाया जाएगा। इसके संचालन के लिए छह संविदा पदों का सृजन किया गया है।
ऊर्जा सुरक्षा और शहीदों को सम्मान
राज्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूपीसीएल को अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट बिजली 25 वर्षों तक खरीदने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा उत्तराखंड के प्रत्येक शहीद सैनिक की मूर्ति उनके पैतृक गांव में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान से प्रेरणा ले सकें और शहीद परिवारों को सम्मान मिल सके। इन फैसलों के माध्यम से धामी सरकार ने सहकारिता, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सुधार, कर्मचारी हित, ऊर्जा सुरक्षा और सैनिक सम्मान जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
