आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर उबाल, चक्का जाम कर थाने का किया घेराव

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / मोहन सिंह राणा,
उत्तरकाशी/लंबगांव। चर्चित केतन प्रकरण से जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार को प्रतापनगर क्षेत्र में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग सुबह लंबगांव थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबगांव-डोबरा मोटर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। आंदोलन के समर्थन में लंबगांव, मांजफ और प्रतापनगर के बाजार पूरे दिन बंद रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि होने और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उनका आरोप था कि घटना 7 जून की है और पीड़िता उसी दिन शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में चिकित्सकीय जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर 11 जुलाई को मामला दर्ज किया गया, फिर भी 10 दिन बीतने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख मनीषा पंवार, अवंतिका भंडारी, राजमोहन रावत, उदय रावत, धर्मेंद्र महर, पुरुषोत्तम पंवार और अन्य वक्ताओं ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केतन हत्याकांड में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की थी, जबकि इस मामले में उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी टिहरी को ज्ञापन भेजकर जांच अधिकारी बदलने, सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई तथा आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
दोपहर बाद अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह और उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत धरना स्थल पहुंचे। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी का मौखिक आश्वासन दिया, जबकि प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। वार्ता विफल रहने के बाद देर शाम तक धरना जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि न्याय में हो रही देरी से क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि होने और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उनका आरोप था कि घटना 7 जून की है और पीड़िता उसी दिन शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में चिकित्सकीय जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर 11 जुलाई को मामला दर्ज किया गया, फिर भी 10 दिन बीतने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख मनीषा पंवार, अवंतिका भंडारी, राजमोहन रावत, उदय रावत, धर्मेंद्र महर, पुरुषोत्तम पंवार और अन्य वक्ताओं ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केतन हत्याकांड में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की थी, जबकि इस मामले में उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी टिहरी को ज्ञापन भेजकर जांच अधिकारी बदलने, सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई तथा आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
दोपहर बाद अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह और उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत धरना स्थल पहुंचे। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी का मौखिक आश्वासन दिया, जबकि प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। वार्ता विफल रहने के बाद देर शाम तक धरना जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि न्याय में हो रही देरी से क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
