: बोले-जनता के मुद्दे उठाने के बावजूद नहीं हुई सुनवाई, इसलिए छोड़ी पार्टी
: दावा-जल्द बड़े कार्यक्रम के बाद हरिद्वार में भाजपा से होंगे कई इस्तीफे

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। भाजपा नेता प्रमोद खारी ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए संगठन, प्रदेश सरकार और प्रशासन पर उपेक्षा के आरोप लगाए। शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी से टिकट की मांग नहीं की। उनका उद्देश्य टिकट हासिल करना होता तो वह जनता के मुद्दों को सरकार के सामने नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि संगठन और प्रदेश नेतृत्व के समक्ष कई बार जनसमस्याएं रखीं, लेकिन समाधान नहीं होने से आहत होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। प्रमोद खारी ने कहा कि उन्होंने पिछले चार वर्षों में पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम किया। उनके अनुसार प्रदेश में अफसरशाही हावी है और आम जनता के साथ जनप्रतिनिधियों की भी अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता अपने कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। जनसमस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किए और पार्टी नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाई, लेकिन हालात नहीं बदले। उन्होंने बेरोजगारी और कथित घोटालों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हरिद्वार जिले में भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपेक्षा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जल्द बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने और इसके बाद जिले में भाजपा से कई इस्तीफे होने का दावा किया। खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें भी अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने गुर्जर समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनीति 36 बिरादरी के लिए है। उन्होंने कहा कि अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति जल्द सार्वजनिक करेंगे।
