एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: भालू का पित्त और जंगली जानवरों के नाखून की तस्करी करते दो गिरफ्तार


देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टीम ने विकासनगर क्षेत्र में छापेमारी कर दो वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 155 ग्राम भालू का पित्त और जंगली जानवरों के पाँच नाखून बरामद किए गए हैं। ये सभी अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की पहली अनुसूची में शामिल हैं और इनका किसी भी प्रकार का शिकार, व्यापार या परिवहन गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

खुफिया इनपुट से मिली सफलता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि टीम को मैनुअल इनपुट के माध्यम से सूचना मिली थी कि विकासनगर क्षेत्र में वन्यजीव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। जानकारी की पुष्टि के बाद एसटीएफ टीम ने यमुनोत्री मार्ग पर हतीयारी गांव से पहले घेराबंदी की। इसी दौरान बाइक से आते दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। पूछताछ में दोनों ने अपना परिचय भगवान सिंह रावत पुत्र सूरज सिंह, निवासी ग्राम कांडेयू, थाना विकासनगर तथा जितेंद्र सिंह पुंडीर पुत्र स्वर्गीय गोविंद सिंह, निवासी ग्राम मदरासु, थाना विकासनगर के रूप में बताया। तलाशी के दौरान भगवान सिंह रावत के कब्जे से भालू का पित्त जबकि जितेंद्र सिंह पुंडीर से जंगली जानवरों के पाँच नाखून बरामद किए गए। बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गंभीर अपराध, मुकदमा दर्ज

बरामद किए गए अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में आते हैं, जिन पर कड़ा प्रतिबंध है। इस आधार पर एसटीएफ ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज कराया है।

अन्य तस्करों की तलाश जारी

एसएसपी भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुई हैं। उसी आधार पर संभावित नेटवर्क, सप्लाई चौन और अन्य तस्करों की भूमिका की छानबीन की जा रही है। बरामद भालू पित्त एवं नाखून किस स्रोत से लाए गए और किसे बेचे जाने वाले थे, इसकी भी जांच जारी है। वन विभाग से आवश्यक तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

जन सहयोग की अपील

एसटीएफ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की वन्यजीव तस्करी या अवैध वन्यजीव व्यापार की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या एसटीएफ उत्तराखंड (फोनरू 0135-2656202) को सूचित करें। एसटीएफ ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण को लेकर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

गिरफ्तारी करने वाली टीम’’

निरीक्षक यशपाल सिंह, अ.उ.नि. हितेश कुमार, हे.का वीरेंद्र नौटियाल, हे. का कुलदीप रौतेला, का. मोहन असवाल आदि शामिल थे।

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