‘कुंभ’ के लिए बढ़ेगा अधिकारियों का कुनबा, कुंभ में एक आईएएस व छह पीसीएस की होती रही है तैनाती
[पिछले कुंभ मेले में दो आईएएस थे तैनात]
उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कुमार दुष्यंत,

 

हरिद्वार। अर्धकुंभ 2027 को ‘कुंभ’ के रूप में मनाने के मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद अब जहां कुंभ मेला अधिष्ठान में अधिकारियों की तैनाती बढ़ेगी वहीं कुंभ के कामों में तेजी भी दिखाई देगी।
शासन और मेला प्रशासन ने मेला कार्यों की अंतिम तिथि अक्टूबर 2026 तय की है। जिन्हें अब तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन इससे पूर्व मेला प्रशासन में जरुरी अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी। कुंभ के लिए एक आईएएस सहित कम से कम छह पीसीएस की तैनाती होती रही है। गत कुंभ 2021 में तो मेले में दो आईएएस रहे। तब कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत सहित उप मेलाधिकारी अंशुल सिंह भी आईएएस थे। हालांकि उप मेलाधिकारी का पद पीसीएस रैंक का रहता है।
कुंभ 2027 के लिए अभी तक केवल एक आईएएस श्रीमती सोनिका की मेलाधिकारी व एक पीसीएस दयानंद सरस्वती की अपर मेलाधिकारी के पद पर ही नियुक्ति हुई है। अभी एक अपर मेलाधिकारी तीन उप मेलाधिकारी तथा एक भूमि अध्यापित अधिकारी की तैनाती भी मेले में होनी है। यह सभी पद पीसीएस स्तर के हैं। हालांकि इस ‘कुंभ’ में भूमि अध्यापित अधिकारी की आवश्यकता रहेगी या नहीं, ये अभी साफ नहीं है। क्योंकि भू अध्यापित अधिकारी की तैनाती मेले में अखाड़ों को भू आवंटन के लिए की जाती है। जबकि अभी कुंभ के रूप में आयोजित हो रहे अर्धकुंभ में यह स्पष्ट नहीं है कि अखाड़ों की धर्मध्वजा चढ़ेगी और संतों का छावनी प्रवेश होगा या नहीं। क्योंकि अखाड़ों के आगमन पर ही उन्हें भू आवंटन किया जाता है। मेले के कामों को गति देने के लिए इन अधिकारियों की तैनाती के साथ ही कुंभ आईजी पुलिस व अन्य नियुक्तियां भी की जाएंगी। इसके लिए पूर्व के मेले के अनुभवी अधिकारियों को भी हरिद्वार में कुंभ अधिष्ठान में तैनाती दी जा सकती है।
•मेलों में होते रहे हैं वरिष्ठता, कनिष्ठता के विवाद •
कुंभ, अर्धकुंभ व्यवस्थाओं में अधिकारियों की वरिष्ठता, कनिष्ठता के विवाद भी होते रहे हैं।
1998 कुंभ में वरिष्ठ आईएएस जेपी शर्मा मेलाधिकारी थे। जबकि युवा नवतेज सिंह कमिश्नर। मेले के दौरान दोनों में खींचतान रही। मेलाधिकारी जेपी शर्मा मेले को लेकर जो निर्णय लेते, कमिश्नर उन्हें पलट देते थे। इससे मेला कार्य प्रभावित हो रहे थे। क्योंकि कुंभ सर पर था। इसलिए तब कल्याण सिंह सरकार को दोनों अधिकारियों के विवाद से मेले को बचाने के लिए कमिश्नर नवतेज सिंह का ही ट्रांसफर करना पड़ा। 1992 अर्धकुंभ में सीनियर पीसीएस हरदेव सिंह को उप और उनसे जूनियर को अपर मेलाधिकारी बनाने को लेकर भी विवाद रहा।
[ ] इसबार मेले के लिए विभिन्न विभागों के खंड बनाए गए हैं, जिनके लिए अधिकारियों का आगमन शुरू हो चुका है। मेला विभाग के लिए अन्य अधिकारियों का याचन भेजा जा चुका है शीघ्र सभी अधिकारियों की नियुक्तियां हो जाएंगी।
– सोनिका सिंह (आईएएस)
मेलाधिकारी कुंभ।

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