बदरीनाथ नगर पंचायत ने यात्रा काल में कूड़े से अर्जित किए 8 लाख

चमोली। बदरीनाथ धाम में यात्राकाल के दौरान सफाई व्यवस्था हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन नगर पंचायत बदरीनाथ ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए कूड़े को आय का स्रोत बना लिया है। इस वर्ष पंचायत ने धाम में एकत्रित कचरे के सफल निस्तारण और विपणन के माध्यम से ’’8 लाख 89 हजार 598 रुपए’’ की आय अर्जित की है, जो राज्य की अन्य नगर पालिकाओं के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन गया है।
नगर पंचायत की ओर से यात्राकाल में 230 टन कचरे का निस्तारण किया गया, जिसमें 133 टन सूखे कचरे से ब्लॉक तैयार कर बेचे गए तथा 97 टन गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद का निर्माण कर विपणन किया गया। कचरा प्रबंधन के लिए एमआरएफ सेंटर, कॉम्पेक्टर मशीन और ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीन का प्रभावी उपयोग किया गया। पर्यावरण मित्रों की तैनाती ने भी सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
कूड़े से हुई आय के अतिरिक्त, नगर पंचायत ने इको पर्यटक शुल्क से 1 करोड़ 14 लाख 97 हजार 56 रुपए, फास्ट टैग बैरियर से 92 लाख 60 हजार 796 रुपए तथा हेलीकॉप्टर संचालन शुल्क से 22 लाख 36 हजार 260 रुपए राजस्व अर्जित किया है। कपाट बंद होने के बाद भी पंचायत ने धाम में डीप सेनेटाइजेशन अभियान चलाया, जिसके तहत मंदिर परिसर, ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, बामणी पैदल मार्ग, मुख्य बाजार और झीलों के आसपास सफाई की गई। ईको पर्यटक शुल्क के माध्यम से प्राप्त आय का उपयोग धाम की सफाई व पर्यटन विकास में किया जा रहा है, जिससे बदरीनाथ धाम का पर्यावरण संरक्षित और स्वच्छ बना रहे।
