देशव्यापी आंदोलन करने को होंगे बाध्य

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / जोगेंद्र मावी,
हरिद्वार। केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल नहीं करने पर राजकीय पेंशनर्स ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया है। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन ने कैंडल मार्च निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले स्थानीय देवपुरा स्थित पंत पार्क में देर शाम इकट्ठा हुए पेंशनर्स ने 3 नवंबर को जारी भारत के गैजेट नोटिफिकेशन पर चर्चा की और इसे पेंशनर विरोधी बताया। पेंशनर्स पदाधिकारियों का कहना है कि इससे पहले के पेंशन आयोग गठन में आयोग के विचारार्थ पेंशन को भी रखा गया किंतु इस बार पेंशन पुनरीक्षण को शामिल नहीं करने से पेंशनर्स में नाराजगी है।
इस अवसर पर हुई सभा को संबोधित करते हुए ऑर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष बीपी चौहान और महामंत्री जे पी चाहर ने बताया कि आयोग के संदर्भित शर्तों में गैर वित्त पोषित गैर अंशदाई पेंशन का उल्लेख कर वित्तीय भार बताने की सरकारी कार्यवाही पेंशनर्स के मन में गहरी आशंका पैदा कर रही है। नेताद्वय ने कहा कि आयोग की घोषणा के बाद और गठन से पहले भारत सरकार द्वारा वित्तीय विधेयक पारित करने पर भी पेंशनर्स को आशंका हुई थी जिसपर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी दिया गया था।
चौहान और चाहर ने कैंडल मार्च के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में प्रधान मंत्री के आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने और पेंशनर संगठनों के विचार जानने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 10 लाख करोड़ के संचित पेंशन फंड को किसी दूसरे मद में खर्च करने की सरकार की योजना को देश के पेंशनर सफल नहीं होने देंगें।
ऑर्गेनाइजेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एलसी पाण्डेय और रमेश चंद पंत ने सरकार पर पेंशन विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले 2004 के बाद पुरानी पेंशन को बंद किया गया अब फिर पेंशन को खत्म करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। उपाध्यक्ष बीपी सिंह सैनी एवं सुशील सैनी ने चेतावनी दी कि यदि पेंशन पुनरीक्षण शामिल नहीं किया गया तो वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के पेंशनर्स देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
पंत पार्क में सभा के बाद हाथों में जलती मोमबत्ती लेकर पेंशनर ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक मार्च निकला जहां प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा गया। इस बीच रास्ते भर पेंशनर्स अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाते चल रहे थे और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया।
कैंडल मार्च में अनेक वयोवृद्ध पेंशनर्स ने अगुआई की जिनमें जीपी डब्लूओ के संरक्षक वीके गुप्ता, आरडी अग्रवाल, एमके अग्रवाल, हरीश चंद पाण्डेय, अतर सिंह, आरके अस्थाना, मुकुल पाण्डेय, मोहन लाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, दिनकर पंत, सुखवंश सिंह, ब्रजेश शर्मा, डॉ जयवीर राठी, डॉ अशोक शर्मा, प्रताप सिंह, सुरेंद्र मोहन देवलाल, सुरेंद्र शर्मा, मिथन लाल शर्मा, लाल शर्मा, विजय शर्मा, सुशीला सैनी, मधु सिंह, मंजू सिंह आदि शामिल रहे।
अध्यक्ष बीपी चौहान एवं महामंत्री जेपी चाहर के नेतृत्व में हुए कैंडल मार्च और इस अवसर पर हुई सभा को बीपी चौहान, जेपी चाहर, एलसी पाण्डेय, आरके अस्थाना, राकेश श्रीवास्तव, कृष्ण अवतार, सतीश कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले स्थानीय देवपुरा स्थित पंत पार्क में देर शाम इकट्ठा हुए पेंशनर्स ने 3 नवंबर को जारी भारत के गैजेट नोटिफिकेशन पर चर्चा की और इसे पेंशनर विरोधी बताया। पेंशनर्स पदाधिकारियों का कहना है कि इससे पहले के पेंशन आयोग गठन में आयोग के विचारार्थ पेंशन को भी रखा गया किंतु इस बार पेंशन पुनरीक्षण को शामिल नहीं करने से पेंशनर्स में नाराजगी है।
इस अवसर पर हुई सभा को संबोधित करते हुए ऑर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष बीपी चौहान और महामंत्री जे पी चाहर ने बताया कि आयोग के संदर्भित शर्तों में गैर वित्त पोषित गैर अंशदाई पेंशन का उल्लेख कर वित्तीय भार बताने की सरकारी कार्यवाही पेंशनर्स के मन में गहरी आशंका पैदा कर रही है। नेताद्वय ने कहा कि आयोग की घोषणा के बाद और गठन से पहले भारत सरकार द्वारा वित्तीय विधेयक पारित करने पर भी पेंशनर्स को आशंका हुई थी जिसपर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी दिया गया था।
चौहान और चाहर ने कैंडल मार्च के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में प्रधान मंत्री के आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने और पेंशनर संगठनों के विचार जानने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 10 लाख करोड़ के संचित पेंशन फंड को किसी दूसरे मद में खर्च करने की सरकार की योजना को देश के पेंशनर सफल नहीं होने देंगें।
ऑर्गेनाइजेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एलसी पाण्डेय और रमेश चंद पंत ने सरकार पर पेंशन विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले 2004 के बाद पुरानी पेंशन को बंद किया गया अब फिर पेंशन को खत्म करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। उपाध्यक्ष बीपी सिंह सैनी एवं सुशील सैनी ने चेतावनी दी कि यदि पेंशन पुनरीक्षण शामिल नहीं किया गया तो वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के पेंशनर्स देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
पंत पार्क में सभा के बाद हाथों में जलती मोमबत्ती लेकर पेंशनर ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक मार्च निकला जहां प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा गया। इस बीच रास्ते भर पेंशनर्स अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाते चल रहे थे और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया।
कैंडल मार्च में अनेक वयोवृद्ध पेंशनर्स ने अगुआई की जिनमें जीपी डब्लूओ के संरक्षक वीके गुप्ता, आरडी अग्रवाल, एमके अग्रवाल, हरीश चंद पाण्डेय, अतर सिंह, आरके अस्थाना, मुकुल पाण्डेय, मोहन लाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, दिनकर पंत, सुखवंश सिंह, ब्रजेश शर्मा, डॉ जयवीर राठी, डॉ अशोक शर्मा, प्रताप सिंह, सुरेंद्र मोहन देवलाल, सुरेंद्र शर्मा, मिथन लाल शर्मा, लाल शर्मा, विजय शर्मा, सुशीला सैनी, मधु सिंह, मंजू सिंह आदि शामिल रहे।
अध्यक्ष बीपी चौहान एवं महामंत्री जेपी चाहर के नेतृत्व में हुए कैंडल मार्च और इस अवसर पर हुई सभा को बीपी चौहान, जेपी चाहर, एलसी पाण्डेय, आरके अस्थाना, राकेश श्रीवास्तव, कृष्ण अवतार, सतीश कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
