2022 में भाजपा के हाथ से निकल गई थी हरिद्वार जिले की 5 विधानसभा
उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कुमार दुष्यंत,
हरिद्वार। हरिद्वार भारतीय जनता पार्टी का अनुकूल जिला रहा है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम ने पार्टी रणनीतिकारों के चेहरों की हवा उड़ा रखी है। गुटबाजी और भीतरघात से निपटने के लिए पार्टी में अभी से मंथन शुरू हो गया है।

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में हरिद्वार में 2017 का चुनाव परिणाम दोहराने के लिए भाजपा में कसरत शुरू हो गयी है। 2022 में जिले में भाजपा के हाथ से विधानसभा की पांच सीटें फिसल गई थी। जिसके बाद खूब घमासान हुआ और हारने वाले प्रत्याशियों ने पार्टी में गुटबाजी और भीतरघात को इसके लिए जिम्मेदार बताया था। चुनाव हारने वाले मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और विधायक संजय गुप्ता ने तो अपनी हार का ठीकरा सीधे सीधे तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के सिर ही फोड़ डाला था। मामले को पार्टी हाईकमान ने गंभीर माना था। हालांकि इसके बाद गुटबाजी को रोकने का कोई प्रयास नहीं दिखा और हालात अब भी पहले से अलग नहीं हैं। पार्टी के विधायकों, सांसदों के अपने अपने गुट हैं। पार्टी के पदाधिकारी भी गुटबाजी के आरोपों से घिरे हैं। 2027 विधानसभा चुनाव की पूर्व बेला पर पार्टी गुटबाजी और भीतरघात को लेकर सावधान हो गई है।
पार्टी में सांसद, पूर्व सांसद के अपने अपने गुट हैं। विधायकों के भी अपने अपने समर्थक गुट हैं, जो अपने नेताओं की हार पर ईंट से ईंट बजाने को तैयार रहते हैं। एकबार फिर यह स्थिति 2027 में भाजपा के विजय रथ की दिशा बदल सकती है।
• 2017 रहा भाजपा के लिए मुफीद •
हरिद्वार विधानसभा चुनाव में अभीतक 2017 विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए सबसे अच्छा रहा।इस चुनाव में भाजपा ने हरिद्वार की 11 में से 8 विधानसभाओं में भगवा फहराया था। भाजपा ने जनपद में 2012 में 5 और 2007 में दो सीट जीती थीं लेकिन 2022 में भाजपा आठ में से हरिद्वार, रुड़की और रानीपुर की तीन सीटों पर ही सिमटकर रह गई थी।
पिछले विधानसभा चुनाव और बाद की घटनाओं को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। 2027 चुनाव को लेकर पार्टी गंभीर है। इसबार निश्चित ही हरिद्वार में बेहतर परिणाम रहेंगे।
– नवीन ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

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