शोध: पहाड़ की महिलाएं हर परिस्थिति में झेल रहीं कठिनाईयां


उत्तरकाशी। कलेक्ट्रेट भवन सभागार में सोमवार को ग्रामीण समुदायों की आजीविका से जुड़े जोखिमों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन किंग्स कॉलेज लंदन और रॉयल होलोवे यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकर्ता डॉ. कपिल यादव ने किया। गोष्ठी का उद्देश्य घास, चारा और ईंधन लकड़ी लाते समय ग्रामीण महिलाओं द्वारा झेली जाने वाली कठिनाइयों व दुर्घटनाओं पर ध्यान आकर्षित करना था।
अस्सीगंगा घाटी की आठ ग्राम पंचायतों से आए लगभग 40 ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने बताया कि घास काटते समय फिसलने, पेड़ों से गिरने जैसी घटनाएँ आम हैं, पर इन्हें न तो मीडिया और न ही सरकारी स्तर पर गंभीरता से लिया जाता है। डॉ. यादव ने बताया कि उनके सर्वेक्षण के अनुसार पिछले 20 वर्षों में क्षेत्र में 125 गंभीर दुर्घटनाएँ दर्ज हुईं, जिनमें 40 मौतें हुईं, जिनमें से 24 महिलाएँ घास काटते समय गिरी थीं। ग्राम प्रधानों और प्रतिभागियों ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के श्रम और जोखिमों को पहचानना पलायन रोकने और आजीविका सुधारने के लिए आवश्यक है। चरागाह विकास, सुरक्षित मार्गों की मरम्मत और आक्रामक वनस्पतियों पर नियंत्रण जैसी मांगें भी उठाई गईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
error: Content is protected !!