लंबित देनदारियों के भुगतान को मंजूरी
देहरादून। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने उत्तराखण्ड के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत लंबित देनदारियों के भुगतान हेतु 130.9680 करोड़ की धनराशि जारी की है। यह स्वीकृति राज्य में 31 मार्च 2025 तक पूर्ण हो चुकी या आंशिक रूप से पूर्ण योजनाओं के भुगतान के लिए प्रदान की गई है। मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग केवल 31 दिसंबर 2025 तक ही किया जा सकेगा, जिसके बाद इस धनराशि से कोई व्यय नहीं किया जाएगा।
इस वित्तीय स्वीकृति से प्रदेश में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत चल रही कुल 384 योजनाओं का भुगतान किया जाएगा, जिनमें 212 सड़कों और 172 पुलों से संबंधित परियोजनाएँ शामिल हैं। कई वर्षों से लंबित देनदारियों के कारण ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। केंद्र सरकार की इस पहल से न सिर्फ़ उन पर से वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि आगामी निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जिन कार्यों का कुछ भाग 31 मार्च 2025 तक पूरा हो चुका है, केवल उसी हिस्से का भुगतान इस स्वीकृत धनराशि से किया जाएगा। शेष कार्यों के लिए राज्य सरकार को अपने खर्च से भुगतान करना होगा। केंद्र की यह सहायता प्रदेश में ग्रामीण संपर्कता को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
