कैबिनेट बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान और डीए देने के लिए सब-कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। यह कमेटी दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में शहरी विकास निदेशालय में च्नइसपब भ्मंसजी च्डन् के गठन को मंजूरी दी गई, जिससे शहरी निकायों में लोक स्वास्थ्य से संबंधित नीतियों की मॉनिटरिंग होगी। अधिप्राप्ति नियमावली 2025 में संशोधन कर बीड सिक्योरिटी के रूप में इंश्योरेंस सिक्योरिटी बॉन्ड की व्यवस्था लागू की गई। कारागार प्रशासन विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी विंग के लिए नए पद सृजित किए गए, जबकि दैनिक वेतन और संविदा कर्मियों के विनियमितीकरण पर विचार हेतु मंत्रिमंडलीय समिति बनाई जाएगी। आपदा में मृतक व्यक्तियों की सहायता राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है। पक्के मकानों के लिए 5 लाख और कच्चे मकानों के लिए अतिरिक्त 1 लाख की सहायता दी जाएगी। राज्य में परिवार पहचान के लिए “देवभूमि परिवार योजना” लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत हर परिवार को एक विशिष्ट आईडी दी जाएगी, जिससे राज्य की योजनाओं का लाभ एक क्लिक में उपलब्ध होगा। इसके अलावा, उपनल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में संशोधन कर विदेशों में पूर्व सैनिकों और युवाओं को रोजगार के अवसर देने का निर्णय लिया गया। साथ ही, उत्तराखंड स्थापना दिवस – रजत जयंती समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में राज्य की वित्तीय, प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में कई जनहितकारी निर्णय लिए गए, जिससे विकास की रफ्तार को नई ऊर्जा मिलेगी।

मंत्रिमंडल ने किया आभार व्यक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य स्थापना रजत जयंती (राज्योत्सव) के विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य को दिए गए मार्गदर्शन के लिए मंत्रिमंडल ने आभार व्यक्त किया। कैबिनेट ने अपने आभार में कहा कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड राज्य को सतत विकास, लोक कल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने की दिशा में संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ है। मंत्रिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से प्रदेश गठन के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर तत्पर रहेगी। साथ ही, कैबिनेट द्वारा समस्त कर्मचारियों व जनता का सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है।

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