बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले में सजी संस्कृति, परंपरा और जनसेवा की झलक

श्रीनगर। श्रीनगर में चल रहे बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले में इस बार पहाड़ी संस्कृति, स्वाद, लोकसंगीत और जनसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले के अंतर्गत आयोजित पहाड़ी रस्याण प्रतियोगिता में पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू और स्वाद ने सबका मन मोह लिया। प्रतियोगिता में तीरथ धाम समूह ने प्रथम, शक्ति धाम द्वितीय और भागीरथी समूह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन पहाड़ी व्यंजनों और संस्कृति के संरक्षण में सहायक हैं।
मेले की छठवीं संध्या में वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बैकुण्ठ मेला हमारी लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि यह मेला श्रीनगर की पहचान बन चुका है और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियाँ इसका मुख्य आकर्षण हैं।
सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक रोहित चौहान, कल्पना चौहान और अमित सागर की शानदार प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी क्रम में नगर निगम श्रीनगर द्वारा राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि आंदोलनकारियों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
वहीं पौड़ी पुलिस ने मेले में जन सुरक्षा की मिसाल पेश की। पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया और खोया मोबाइल भी खोज निकाला। सहायता डेस्क, महिला हेल्प सेंटर और गुमशुदा सूचना केंद्र की सक्रियता ने लोगों को सुरक्षा और भरोसे का एहसास कराया।
