गौमाता की रक्षा ही है धरती की रक्षा: शंकराचार्य


वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में काशी के केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में पूर्णिमा महोत्सव के प्रथम दिवस पर गौ कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि दमदार बनारसी ने की।
कवियों ने गौमाता की दुर्दशा और समसामयिक विषयों पर रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं से भरपूर सराहना पाई। कवि धर्मप्रकाश मिश्र, बिहारी लाल अम्बर, बादशाह प्रेमी और कवयित्री विजय लक्ष्मी शुक्ला की रचनाओं ने वातावरण को भावनात्मक बना दिया। अंत में शंकराचार्य जी महाराज ने सभी कवियों को आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान करते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा ही धरती की रक्षा है। कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद सागर सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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