गुरु रविदास प्रकाश उत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हरकी पैड़ी तक निकली विशाल यात्रा, भजन-कीर्तन और ‘बेगमपुरा’ संदेश के साथ समाज में भाईचारे का आह्वान

 


जोगेंद्र मावी, ब्यूरो

हरिद्वार। शनिवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 649वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर पंजाब से आने वाली पारंपरिक दमड़ी यात्रा का हरिद्वार में भव्य और दिव्य स्वागत किया गया। दमड़ी यात्रा ज्वालापुर बाजार से होते हुए दुर्गा चौक, शंकर आश्रम से ऋषिकुल से हरकी पैड़ी तक पहुंची। इस यात्रा में हरिद्वार समेत उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
दमड़ी यात्रा का शुभारंभ साधु-संतों और आईजी गढ़वाल द्वारा विधि-विधान के साथ किया गया। यात्रा पहले गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पहुंची, जहां अन्य यात्रा के साथ संगम होने के बाद यह यात्रा हरकी पैड़ी पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत किया गया।
संत बाबा निर्मल दास महाराज ने कहा कि दमड़ी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
इस मौके पर साधू संप्रदाय सोसायटी जालंधर पंजाब के चेयरमैन संत श्रवण दास बोहन, प्रधान संत बाबा निर्मल दास महाराज, जनरल सचिव संत इंद्र दास जनरल, संत परमजीत दास कोषाध्यक्ष, प्रचारक दीदी संतोष, महात्मा मेहर चंद दास, प्रमुख योगेश कुमार, तीर्थपाल रवि, अधिवक्ता सुशील कुमार, मंजीत नौटियाल, दर्जाधारी मंत्री देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, श्यामल प्रधान, कुशलपाल सिंह, तेल्लु राम प्रधान, सोनू लाठी, पप्पू पाटिल, सतीश कुमार, अश्वनी पटेल, संजय कुमार, स्वराज सिंह, अंकुश शेरवाल, प्रवीण कुमार, पदम सिंह, रविंद्र पालीवाल आदि मौजूद रहे।

पुलिस महानिरीक्षक आईजी गड़वाल ने संत समाज को आगामी चारधाम यात्रा में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की यह विश्व प्रसिद्ध यात्रा देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि पंजाब से आई दमड़ी यात्रा के माध्यम से समाज में समरसता, भाईचारे और एकता का व्यापक संदेश दिया है। कहा कि आज के समय में सामाजिक विभाजन को समाप्त कर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है। यात्रा ने लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की प्रेरणा दी। संतों के संदेश और मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है। सभी से आह्वान किया गया कि वे प्रेम, सौहार्द और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाएं।

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