डिप्लोमा इंजीनियर्स बैठे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, निर्माण कार्य प्रभावित

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कमलेश पुरोहित,
चमोली। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। 23 मार्च 2026 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की सभी 32 शाखाओं के इंजीनियर इस हड़ताल में शामिल हैं। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अधिकांश निर्माण एवं अभियंत्रण कार्य ठप पड़े हैं।
चमोली जिले में गोपेश्वर स्थित लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन में आयोजित हड़ताल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में इंजीनियरों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. उत्तम सिंह ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव इं. प्रमोद बिष्ट द्वारा किया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण इंजीनियरों में भारी रोष है। उनका कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा संज्ञान न लेने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
इंजीनियरों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 4800 लागू करना, पूर्व की भांति एसीपी व्यवस्था (10, 16, 26 वर्ष) लागू करना, एमएसीपी के तहत ग्रेड पे 5400 देना, नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है। इसके अलावा पेयजल निगम और जल संस्थान के एकीकरण, पदोन्नति के लिए समानांतर व्यवस्था तथा सहायक अभियंताओं के वित्तीय अधिकार बढ़ाने की मांग भी प्रमुख है। महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान इं. अंकित बिष्ट, इं. प्रीतम भंडारी, इं. उमेश धारिया, इं. मोहम्मद तहसीन, इं. संजय रावत सहित कई इंजीनियर मौजूद रहे।
चमोली जिले में गोपेश्वर स्थित लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन में आयोजित हड़ताल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में इंजीनियरों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. उत्तम सिंह ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव इं. प्रमोद बिष्ट द्वारा किया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण इंजीनियरों में भारी रोष है। उनका कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा संज्ञान न लेने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
इंजीनियरों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 4800 लागू करना, पूर्व की भांति एसीपी व्यवस्था (10, 16, 26 वर्ष) लागू करना, एमएसीपी के तहत ग्रेड पे 5400 देना, नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है। इसके अलावा पेयजल निगम और जल संस्थान के एकीकरण, पदोन्नति के लिए समानांतर व्यवस्था तथा सहायक अभियंताओं के वित्तीय अधिकार बढ़ाने की मांग भी प्रमुख है। महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान इं. अंकित बिष्ट, इं. प्रीतम भंडारी, इं. उमेश धारिया, इं. मोहम्मद तहसीन, इं. संजय रावत सहित कई इंजीनियर मौजूद रहे।

डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल को मिला ठेकेदार संघ का समर्थन
थराली। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी हड़ताल छठवें दिन भी जारी रही। लोक निर्माण विभाग थराली परिसर में अभियंताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना दिया और मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी। इस बीच ठेकेदार संघों ने भी आंदोलन को समर्थन देना शुरू कर दिया है। देवाल ठेकेदार संघ अध्यक्ष पुष्कर सिंह फर्स्वाण व पूर्व जेष्ठ प्रमुख हरेंद्र सिंह कोटेड़ी ने कहा कि हड़ताल से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। धरने में दयाशंकर बधाणी, संतोष पंत सहित कई अभियंता मौजूद रहे।
