महिषासुर वध से दुर्गा बनीं महिषासुर मर्दिनी: पं. पवन कृष्ण शास्त्री

हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में जिला कारागार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने महिषासुर मर्दिनी का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि महिषासुर ने ब्रह्मा से वरदान प्राप्त कर देवताओं को परास्त कर दिया था, जिसके बाद देवताओं के तेज से देवी दुर्गा प्रकट हुईं और नौ दिनों तक युद्ध कर दसवें दिन महिषासुर का वध किया। इसी कारण उन्हें ‘महिषासुर मर्दिनी’ कहा जाता है और नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। कथा में ध्रुव, प्रह्लाद, गजेंद्र मोक्ष और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भी वर्णन किया गया। जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने कहा कि इस आयोजन से बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। आयोजकों ने आगे भी ऐसे धार्मिक कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
