ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: पहले पति ने ही महिला को उतारा था मौत के घाट, गिरफ्तार

देहरादून। एसएसपी दून के सशक्त नेतृत्व में दून पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव के ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा किया है। 11 मार्च 2026 को मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास जंगल में एक महिला का शव सफेद प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुआ था। शव 4-5 दिन पुराना होने और चेहरा खराब हो जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वयं वादी बनकर मुकदमा दर्ज किया और एसएसपी के निर्देश पर 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग की तथा 2500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बदलते हुए 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया और 5000 से अधिक लोगों से पूछताछ की। लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में एक मजदूर के बारे में जानकारी मिली, जिसकी पत्नी पिछले कुछ दिनों से लापता थी। पुलिस ने संदिग्ध रंजीत शर्मा को भाटोवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने मृतका की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा (32) के रूप में करते हुए हत्या की बात स्वीकार की।
2009 में हुआ था रूपा से विवाह
आरोपी ने बताया कि वर्ष 2009 में उसका विवाह रूपा से हुआ था, लेकिन चार वर्ष पूर्व वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। बाद में आरोपी ने दूसरी शादी कर ली। एक वर्ष पूर्व रूपा वापस उसके संपर्क में आई और 23 फरवरी 2026 को अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी। इस दौरान रूपा लगातार आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद होता रहता था। 5 मार्च की रात इसी विवाद के दौरान आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को चार दिनों तक कमरे में छिपाकर रखा और 8 मार्च को कट्टे में बंद कर बाइक से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।
पुलिस टीम को मिला ईनाम
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को आईजी गढ़वाल द्वारा 5000 रुपये और एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
