गणगौर पर्व है शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक: पं. विष्णु पाठक

देहरादून। गणगौर पर्व को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक बताया गया है। पं. विष्णु पाठक के अनुसार यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान सहित देश-विदेश में बसे राजस्थानी समुदाय द्वारा श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव सोलह दिनों तक चलता है और चौत्र शुक्ल तृतीया को इसका समापन होता है, जो इस वर्ष 21 मार्च को मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसी कारण अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की कामना और विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं। पर्व के दौरान महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक गीतों के माध्यम से पूजा-अर्चना करती हैं। पं. पाठक ने बताया कि पूजन में मिष्ठान के साथ इलायची अर्पित करने से विशेष शुभ फल की प्राप्ति होती है।
