राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ही दिन में हुआ 12,063 मामलों का निस्तारण
सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,

देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के तत्वावधान में शनिवार को जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत देहरादून मुख्यालय सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता न्यायालयों में आयोजित हुई।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल, पारिवारिक, चेक बाउंस, आपराधिक व अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद देहरादून में 7,255 मामलों का निस्तारण करते हुए करीब 49.62 करोड़ रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। बाह्य न्यायालयों में भी सैकड़ों मामलों का निपटारा कर लाखों रुपये के समझौते हुए। साथ ही प्री-लिटिगेशन स्तर पर 4,808 मामलों का समाधान कर 3.22 करोड़ रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 12,063 मामलों का सफल निस्तारण हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 208 मामलों का हुआ निस्तारण
श्रीनगर गढ़वाल। विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार बाह्य न्यायालय श्रीनगर में 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत की पीठ की अध्यक्षता सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) कु. अलका ने की, जबकि सदस्य के रूप में अधिवक्ता प्रदीप मैठाणी उपस्थित रहे। लोक अदालत में कुल 208 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 197 फौजदारी वाद, 7 एनआई एक्ट, 2 सिविल वाद, 1 अंतिम रिपोर्ट और 1 डीबी एक्ट का मामला शामिल रहा। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी सहित कई अधिवक्ता, पीएलवी सदस्य और न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।

लोक अदालत में 164 मामलों का हुआ निस्तारण
रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में जनपद न्यायालय रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने किया। सिविल जज (सीडी) व सचिव पायल सिंह ने बताया कि लोक अदालत में कुल 164 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इसमें बैंक से संबंधित 42 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निपटारा हुआ। विभिन्न पीठों द्वारा मामलों का समाधान कर कुल लाखों रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विभागीय कर्मचारियों ने सहयोग दिया।

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