महिला आयोग की जनसुनवाई में कई मामलों का हुआ मौके पर निस्तारण
विकास गर्ग / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के अभियान ’‘महिला आयोग आपके द्वार’’ के तहत जिलाधिकारी सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने की, जबकि सदस्य विमला नैथानी और कमला जोशी भी मौजूद रहीं।
जनसुनवाई में 18 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि चार प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजे गए। मेट्रो हॉस्पिटल में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों का वेतन लंबे समय से रुके होने के मामले में आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को 16 मार्च को उपस्थित होने और एक सप्ताह में बकाया वेतन जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और आजीविका से जुड़े मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष कंडवाल ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसुनवाई में सुनीं महिलाओं की समस्याएं सुनीं
टिहरी गढ़वाल। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में जन-जन की सुनवाई की जा रही है। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई और पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनी गईं। उपाध्यक्ष ने पुलिस से महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल से भी भेंट की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

घरेलू हिंसा व वैवाहिक विवादों की सुनवाई
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की सदस्या वत्सला सती और विजया रावत ने की। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, भूमि विवाद और वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। चार लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि कुछ समस्याएं मौखिक रूप से भी सामने आईं।

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