भीषण हादसे के बीच पेश की मानवता की मिसाल, युवक ने बचाईं कई जिंदगियां

देहरादून/हरिद्वार। रविवार की रात मोतीचूर फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल होकर सड़क पर तड़प रहे थे। इसी बीच स्थानीय युवक एडवोकेट हिमांशु सरीन ने साहस, संवेदनशीलता और मानवता का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए सबसे पहले मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
हादसे के बाद जहां कई लोग घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त थे, वहीं हिमांशु सरीन ने बिना एक पल गंवाए घायलों की मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को फोन कर घटना की सूचना दी, ताकि राहत और बचाव कार्य जल्द शुरू हो सके। इसके साथ ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू किया। दुर्घटना के दौरान एक ट्रक के नीचे कुछ लोग बुरी तरह फंस गए थे। स्थिति बेहद गंभीर और जोखिम भरी थी, लेकिन हिमांशु सरीन ने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस का परिचय दिया। उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर ट्रक के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस प्रयास से कई लोगों की जान बच सकी।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी ऐसे साहसी और संवेदनशील युवा मौजूद हैं, जो संकट की घड़ी में दूसरों की मदद के लिए सबसे पहले आगे आते हैं। जब कई लोग केवल दर्शक बनकर खड़े थे, तब हिमांशु सरीन ने मानवता और सेवा भाव की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हिमांशु जैसे युवाओं पर समाज को गर्व है। आज समाज को ऐसे ही साहसी और निस्वार्थ युवाओं की जरूरत है, जो मुश्किल समय में मानवता का हाथ थामकर दूसरों के जीवन को बचाने के लिए आगे आते है।
