मुख्यमंत्री की पहल व डीएम के मार्गदर्शन में चल रही योजनाएं, बकरी-मुर्गी पालन से बढ़ रही आय

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और जिला प्रशासन के प्रयासों से जनपद में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के मार्गदर्शन में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिकी मजबूत की जा रही है। इन योजनाओं से जुड़कर कई लोग अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
पशुपालन विभाग द्वारा गौ पालन, बकरी पालन, महिला बकरी पालन, मुर्गी पालन और नंदी पालन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को जोड़ा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गौ पालन योजना के तहत 143, बकरी पालन में 262, महिला बकरी पालन में 30, मुर्गी पालन में 120 तथा नंदी पालन योजना में 6 इकाइयों को लाभ मिला है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि बकरी पालन योजना के तहत लाभार्थियों को 16-16 बकरियां उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि विधवा महिलाओं को चार-चार बकरियां दी गई हैं। मुर्गी पालन योजना में लाभार्थियों को तीन-तीन हजार मुर्गियां दी गई हैं, जिनकी आपूर्ति सीमा सुरक्षा बल श्रीनगर को भी की जाती है। इससे लाभार्थियों को बाजार मिल रहा है और उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने बताया कि जनपद में 18 गैर-सरकारी और तीन सरकारी गौ सदन संचालित हैं, जिनके लिए सरकार की ओर से प्रति गाय प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता दी जाती है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर स्थायी स्वरोजगार उपलब्ध कराना और पलायन को रोकना है।
पशुपालन विभाग द्वारा गौ पालन, बकरी पालन, महिला बकरी पालन, मुर्गी पालन और नंदी पालन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को जोड़ा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गौ पालन योजना के तहत 143, बकरी पालन में 262, महिला बकरी पालन में 30, मुर्गी पालन में 120 तथा नंदी पालन योजना में 6 इकाइयों को लाभ मिला है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि बकरी पालन योजना के तहत लाभार्थियों को 16-16 बकरियां उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि विधवा महिलाओं को चार-चार बकरियां दी गई हैं। मुर्गी पालन योजना में लाभार्थियों को तीन-तीन हजार मुर्गियां दी गई हैं, जिनकी आपूर्ति सीमा सुरक्षा बल श्रीनगर को भी की जाती है। इससे लाभार्थियों को बाजार मिल रहा है और उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने बताया कि जनपद में 18 गैर-सरकारी और तीन सरकारी गौ सदन संचालित हैं, जिनके लिए सरकार की ओर से प्रति गाय प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता दी जाती है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर स्थायी स्वरोजगार उपलब्ध कराना और पलायन को रोकना है।
