चंद्रग्रहण के चलते रात आठ बजे हुई मां गंगा की आरती, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

हरिद्वार। हरिद्वार में वर्ष 2026 के पहले चंद्रग्रहण के कारण मंगलवार को हरकी पैड़ी स्थित गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया। ग्रहण के सूतक काल को देखते हुए सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। चंद्रग्रहण समाप्त होने और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संध्याकालीन गंगा आरती रात 8 बजे विधिवत संपन्न कराई गई। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर दान पुण्य किया।
श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि ग्रहण के कारण नियमित समय शाम 6ः20 बजे होने वाली गंगा आरती को स्थगित कर दिया गया था। ग्रहण समाप्ति के बाद हरकी पैड़ी के घाटों और मंदिर परिसर की साफ-सफाई की गई, तत्पश्चात श्रद्धालुओं की उपस्थिति में रात्रि 8 बजे भव्य गंगा आरती आयोजित हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु निर्धारित नए समय के अनुसार हरकी पैड़ी पहुंचे और मां गंगा की आरती में भाग लिया।

बताया कि चंद्रग्रहण के चलते सूतक काल लागू होने से पूर्व ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण समाप्ति के बाद विधि-विधान से पुनः पूजा-अर्चना आरंभ की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के दौरान जप-तप और ईश्वर ध्यान को शुभ माना जाता है, जबकि भोजन, पूजा या मूर्ति स्पर्श से परहेज किया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर शुद्धि के उपरांत ही अन्य कार्य प्रारंभ किए जाते हैं। मंगलवार को ग्रहण समाप्ति के बाद सभी धार्मिक अनुष्ठान पुनः सामान्य रूप से शुरू हो गए। प्रशासन और श्री गंगा सभा के सहयोग से पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की गई। अब गंगा आरती अपने नियमित समयानुसार आगे से संपन्न होगी।
