गुरुकुल हेलीपैड पर प्रोटोकॉल को लेकर दर्जाधारी को रोका, विवाद, बाद में सुलझा मामला

हरिद्वार। हरिद्वार में गुरुकुल हेलीपैड पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन से पहले दर्जाधारी मंत्रियों, भाजपा पदाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच प्रोटोकॉल को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सुरक्षा घेरे में जाने से रोके जाने पर कुछ भाजपा पदाधिकारी नाराज हो गए। हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत करा लिया गया।
मंगलवार को मुख्यमंत्री का हरिद्वार दौरा प्रस्तावित था। वे बैरागी कैंप में गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। हेलीकॉप्टर लैंडिंग से पूर्व सुरक्षा एजेंसियों ने हेलीपैड पर कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया था। इसी दौरान दर्जाधारी ओमप्रकाश जमदग्नि, सुनील सैनी, भाजपा जिला महामंत्री संजीव चौधरी, हीरा सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष आशु चौधरी समेत कई पदाधिकारी सुरक्षा घेरे के भीतर जाने लगे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कुछ लोगों को रोक दिया।
इस पर ओमप्रकाश जमदग्नि ने नाराजगी जताई और हेलीपैड के पास ही खड़े हो गए। उनके समर्थन में अन्य पदाधिकारी भी वहां रुक गए। उन्होंने एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। स्थिति को देखते हुए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने बीच-बचाव किया और नाराज नेताओं को समझाया।
इसी बीच मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर गया। बाद में अधिकारियों ने सभी को मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे ले जाया। वहां पहुंचकर नेताओं ने मुख्यमंत्री से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि हर बार स्वागत के दौरान उन्हें रोका जाता है। हालांकि बाद में ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि यह केवल आपसी गलतफहमी थी, जिसे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सुलझा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई गिला-शिकवा नहीं है और मामला समाप्त हो चुका है।
सोशल मीडिया पर मामले ने पकड़ा तूल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुछ लोग नाराजगी व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देकर भाजपा के मंत्रियों को ही बार-बार मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आने की बात कहकर मजाक उड़ाई, वहीं कांग्रेस ने भी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तंज कंसा।
