एनआईटी उत्तराखण्ड व संस्कृत विवि के बीच हुआ एमओयू


श्रीनगर गढ़वाल। भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखण्ड तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. पवन कुमार शर्मा एवं एनआईटी उत्तराखण्ड की ओर से अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श) डॉ. धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित वैज्ञानिक सिद्धांतों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संगणकीय प्रतिरूपण और डिजिटल तकनीकों के साथ एकीकृत करना है। समझौते के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां, संकाय व छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम, अंतःविषयक पाठ्यक्रम तथा संयुक्त शोध प्रकाशन संचालित किए जाएंगे। यह पहल पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण-संवर्धन के साथ नवाचार और राष्ट्रीय विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

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