डीएम के हस्तक्षेप के बाद शिक्षिका कनिका को मिला वेतन और अनुभव प्रमाण पत्र

देहरादून। जिले की प्रतिष्ठित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल में शिक्षिका कनिका मदान का दो माह का वेतन और सुरक्षा राशि लंबित होने के साथ ही अनुभव प्रमाण पत्र भी रोके जाने का मामला जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आया। शिक्षिका अपनी नन्ही बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से मिलकर समाधान की गुहार लगाने पहुंचीं।
जनता दर्शन में 13 अक्टूबर को प्रकरण उठाए जाने के तुरंत बाद जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका का लंबित वेतन 78,966 और सुरक्षा राशि चेक के माध्यम से रातों-रात जारी कर दिया। प्रारंभिक अनुभव प्रमाण पत्र में पद का विवरण नहीं होने पर डीएम के कड़े संज्ञान के बाद स्कूल प्रबंधन ने संशोधित प्रमाण पत्र भी जारी किया, जिसमें कनिका ने इंटरमीडिएट तक के बच्चों को पढ़ाने के साथ स्कूल में कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्य किया, इसका उल्लेख किया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल की सक्रियता और जनहित में त्वरित कार्रवाई के कारण निजी स्कूल प्रबंधन को अपनी लापरवाही सुधारने पर मजबूर होना पड़ा। यह प्रकरण प्रशासन की असहाय, व्यथित और शोषितों के प्रति जवाबदेही तथा त्वरित निर्णय लेने की नीति का स्पष्ट उदाहरण है।
