हत्याकांड के आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़, दो बदमाश गिरफ्तार

देहरादून। राजधानी देहरादून की तिब्बती मार्केट में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में दून पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ों के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह स्वयं अस्पताल पहुंचे और पूरी कार्रवाई की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि तिब्बती मार्केट के सामने अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के बाद शहर में दहशत का माहौल बन गया था। मामले के शीघ्र खुलासे के लिए एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने शहर से लेकर देहात तक लगातार नाकेबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी क्रम में लालतप्पड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार एक संदिग्ध बदमाश को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। भागते हुए बदमाश ने एक खंडहर फैक्ट्री में घुसकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर तत्काल कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया।
दूसरी ओर, दूसरा आरोपी रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में नाकेबंदी और सघन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। यहां भी बदमाश ने जंगल से पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल बदमाश को भी मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो देसी तमंचे और स्कूटी बरामद
पुलिस ने दोनों बदमाशों के कब्जे से दो देसी तमंचे और हत्या में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने तिब्बती मार्केट के सामने हुए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी गहन जांच की जा रही है। दून पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल हत्याकांड का खुलासा हुआ है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश भी गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
