गुंजन हत्याकांड की जांच तेज, एसपी मुख्यालय ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

देहरादून। कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती की जघन्य हत्या के प्रकरण में नामित जांच अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मुख्यालय विशाखा अशोक भदाणे (आईपीएस) ने मामले की गहन समीक्षा की। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में एसपी ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं का विस्तार से परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से भेंट कर उनका पक्ष गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित बयानों को दर्ज किया। इस दौरान घटना से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु पर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। एसपी मुख्यालय ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि मामले की जांच पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यपरक ढंग से की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही या त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके पश्चात एसपी ने कोतवाली नगर एवं पुलिस चौकी खुड़बुड़ा पहुंचकर प्रकरण से संबंधित अभिलेखों, प्राप्त सूचनाओं तथा पुलिस रिस्पॉन्स से जुड़े दस्तावेजों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घटना के समय पुलिस की कार्यप्रणाली, सूचना प्राप्ति और उस पर की गई कार्रवाई की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड सुनील कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संवेदनशील प्रकरण की जांच को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

एसआईटी की त्वरित कार्रवाई, 3 दिन में चार्जशीट
देहरादून। युवती की नृशंस हत्या के मामले में देहरादून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने मात्र तीन दिनों के भीतर विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के विरुद्ध चार्जशीट तैयार की है, जिसमें 35 गवाहों को सम्मिलित किया गया है।
पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल के साक्ष्य एकत्र किए, सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया तथा फॉरेंसिक टीम की सहायता से भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संकलित किया। अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त स्कूटी, हथियार, कपड़े, जूते और हेलमेट बरामद कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं। एसएसपी देहरादून ने बताया कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सशक्त पैरवी की जाएगी, ताकि अभियुक्त को कठोरतम सजा दिलाई जा सके।
