हरिद्वार। ग्राम पंजनहेडी में भूमि पैमाइश मामले में हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए पूर्व चेयरमैन कृष्णपाल के रिश्तेदार और सचिन चौहान के बड़े भाई जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अमित चौहान ने एसएसपी से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपने एवं अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से आरोपियों को पदमुक्त कर निष्कासित करने का आग्रह किया है। उन्होंने मातृसदन के शोषण एवं दुर्व्यवहार और शहर विधायक मदन कौशिक पर आरोपियों के घर जाने एवं उनके बचाव में खड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की भूमि खरीदी है, उनमें से किसी ने कोई नकारात्मक बात नहीं उठाई।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने पूरे प्रकरण पर बताया कि जिस समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय इन अतुल चौहान और उनका भतीजा तरूण चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान जी पर कार्यालय जगजीतपुर पर हमला किया, उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त भी किया। इनके कुकृत्य का वीडियो भी खूब वायरल हुआ और सभी समाचार पत्रों में खबरें भी आई। इन्होंने हमेशा पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ काम किया। जिला पंचायत चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर चुनाव में भी इन्होंने विरोध में काम किया। लेकिन सम्मानित जनता ने जिले में सबसे ज्यादा मतों से जीतने पर पार्टी ने उपाध्यक्ष भी बनवाकर सम्मानित मतदाताओं का सम्मान भी बढ़ाया। आज हर गली—मोहल्ले की सड़कों को सुधार करने का काम किया जा रहा है।

मैं हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा का निवासी होने के साथ भाजपा पार्टी का कार्यकर्ता हूँ, प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद जी विधानसभा का नेतृत्व कर रहे हैं। पार्टी की गाइडलाइन के अनुसार क्षेत्र की समस्या के लिए जनता हित के लिए उन्हीं के पास तो जाऊंगा। तो मैं हरिद्वार शहर के विधायक मदन कौशिक जी के पास कैसे जाऊं। मदन कौशिक जी पीड़ित पक्ष के पास तो गए नहीं, बल्कि गोली चलाने वालों के घर जरूर शाबाशी देना जरूर गए।
अमित चौहान ने कहा कि मैं मातृसदन संस्था का सम्मान करता हूं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से हटकर राजनीतिक द्वेष रखने वाले और तमाम कॉलोनियों में आरटीआई लगाकर प्रॉपर्टी डीलर को ब्लैकमेल करने वालों का साथ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। मातृसदन वाले कभी ढाई— तीन हजार करोड़ की संपत्ति अर्जित करने वालों पर आरोप नहीं लगाते, कभी ये सवाल नहीं उठाते कि इतनी संपत्ति कहां से आई। उनके बयानों से लगता है कि सुनियोजित तरीके से स्वामी जी और उनके साथ काम करने वालों को बदनाम करने का ठेका लिए हुए हैं। यह चंद खनन माफियाओं की कठपुतली बनकर दूसरों पर आरोप लगाते हैं।
मातृसदन की ओर से नई कॉलोनी की शिकायत की गई। एचआरडीए की ओर से जांच पत्र में कहीं भी अतुल या तरुण चौहान के नाम का उल्लेख नहीं है। लेकिन जांच होने के दौरान ये दोनों कॉलोनी में पहुंचे।
जिस आत्मरक्षा की बार-बार बात की जा रही है, जहां पर यह दोनों चाचा भतीजे पिस्तौल लेकर आए, इसे पूछिए कि वहां पर कोई रणक्षेत्र था किया। पिस्तौल का लाइसेंस तो मेरे पास भी है, लेकिन हम तो लेकर नहीं गए. हम दोनों भाइयों और दो-तीन हमारे कर्मचारियों के अलावा कोई वहां पर नहीं था।
तहसीलदार को ये पता नहीं था कि मातृसदन के लोग शस्त्रधारी बदमाशों को साथ लेकर आएंगे। जबकि इनकी शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई हर जांच में हमनें सहयोग किया हैं ज़ब ये चाचा भतीजा कॉलोनी में घुसने लगे तो आने का कारण पूछा गया तो गाली गलौच देने लगे। अब अपने कर्मचारी या साथियों के साथ दुर्व्यवहार होने देंगे। इन्होंने हमपर गोलिया बरसानी शुरू कर दी। दो गोलियां तो मुझे छूते हुए निकली।
उन्होंने बताया कि अतुल और तरुण के हथियारों की गोली से घायल हुआ मेरा भाई सचिन आज जीवन के संकट से जूझ रहा है, वह शौचालय भी नहीं कर पा रहा है, उसके छोटे-छोटे बच्चे और पत्नी, माँ के साथ पूरा परिवार एवं तमाम शुभचिंतक उसके जीवन के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीति कर रहे हैं। मातृसदन बार-बार प्रेसवार्ता कर आत्मरक्षा आत्मरक्षा, आत्म सुरक्षा में गोली चलाने की दुहाई देकर और उनके बचाव में सुरक्षा दीवार बनने का काम कर रहें हैं। यहां तक झूठ बोल रहे हैं कि उनके हाथ पैर टूटे हुए थे, जबकि उनके द्वारा ही जारी की गई बयान और थाने की वीडियो में कहीं भी चोट तक के निशान नहीं है। मातृसदन वाला यह भी तो बताएं कि इनकी ब्लैकमेलिंग में उनका कितना हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की भूमि खरीदी है, उनमें से किसी ने कोई नकारात्मक बात नहीं उठाई।
उन्होंने बताया कि अतुल और तरुण चौहान दोनों ने ही मेरे भाई सचिन पर पिछले साल भी हमला कर मारपीट की थी। कुछ गणमान्य लोगों के बीच में हमारे बीच फैसले की बात हुई थी, तो इन्होंने 2 करोड रुपए और जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा देने की बात रखी, लेकिन जिस जनता ने और जिस पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया मैं उन्हें कैसे धोखा दूं। इन्होंने लक्सर रोड की तमाम कॉलोनियों के निवासियों को उजाड़ने का नाकाम प्रयास किया। भले ही कॉलोनी प्राधिकरण से स्वीकृत न हो, लेकिन वहां पर हर सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनके ब्लैकमेलिंग की कहानी लक्सर रोड के हर प्रॉपर्टी डीलर की जुबां पर है।
उन्होंने एसएसपी से मांग की है कि अभी कई आरोपी फरार हैं, उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि वे खुले में बाहर रहेंगे तो मेरे या हमारे किसी भी परिजन के साथ दुर्घटना कर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने स्वयं और परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई। उन्होंने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से आग्रह किया कि गोली चलाने वालों को पार्टी से पदमुक्त कर निष्कासित करने की मांग उठाई।
