आईआईटी रुड़की की ऐतिहासिक उपलब्धि: एआई और डिज़ाइन के संगम से फैशन में नई क्रांति

हरिद्वार। शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रचनात्मक डिज़ाइन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। संस्थान ने ’’फ्लोरा डेटासेट’’ और ’’नेरा अडैप्टर’’ विकसित किए हैं, जो एआई को फैशन स्केच बनाने में सक्षम बनाते हैं। यह भारत का पहला ऐसा डेटासेट है, जिसमें पेशेवर फैशन स्केच और उनके पाठ्य विवरणों को युग्मित किया गया है, जिससे सिलुएट, सामग्री, बनावट और शैली जैसी तकनीकी विशेषताओं को समझा जा सके।
नेरा अडैप्टर एआई मॉडल को जटिल डिजाइन विवरणों को तेज़ी और सटीकता से समझने और स्केच में रूपांतरित करने में मदद करता है। इससे डिज़ाइनर अपनी कल्पनाओं को आसानी से स्केच में बदल सकते हैं, और ग्राहक “मिनिमलिस्ट क्रॉप्ड रेयॉन ब्लाउज़” जैसे जटिल विवरणों के अनुसार उत्पाद चुन सकते हैं।
आईआईटी रुड़की के प्रो. स्पर्श मित्तल ने बताया कि यह पहल फैशन, खुदरा, गेमिंग और मेटावर्स जैसे क्षेत्रों में नवाचार की गति बढ़ाएगी और डिजिटल, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देगी। निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के रचनात्मक उद्योगों में एआई-आधारित नवाचार और वैश्विक नेतृत्व को सुदृढ़ करेगा।
फ्लोरा और नेरा ओपन-सोर्स जारी किए गए हैं, जिससे वैश्विक शोधकर्ता और डिज़ाइनर सतत और अभिनव फैशन समाधान विकसित कर सकेंगे। यह नवाचार एसडीजी 9 और 12 के उद्देश्यों के अनुरूप, तकनीकी उत्कृष्टता और सामाजिक-पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ता है।
