वनाग्नि से फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब सुरक्षित, राहत कार्य जारी

चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। गोविंदघाट रेंज क्षेत्र में 9 जनवरी से सक्रिय वनाग्नि पर काबू पाने के लिए वन विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। चट्टानी व दुर्गम भूभाग के कारण कार्य में कठिनाई आ रही है, लेकिन फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब पूरी तरह सुरक्षित हैं। लक्ष्मण गंगा, पुष्पावती और अलकनंदा नदियां प्राकृतिक फायर लाइन का कार्य कर रही हैं, जिससे आग के फैलने की आशंका कम है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन द्वारा गठित टीमों ने ड्रोन सर्वे और पैदल पहुंच बनाकर स्थिति का आकलन किया। अस्थायी पुल बनाकर कई बार प्रयास किए गए, हालांकि विषम परिस्थितियों में टीमों को सीमित दूरी से लौटना पड़ा। डीएफओ सर्वेश दूबे ने बताया कि आग से फूलों की घाटी की हवाई दूरी लगभग 7 किमी है और हेली सर्वेक्षण से निगरानी की जा रही है।
