जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम से हजारों लोग हुए लाभान्वित

हरिद्वार। मुख्यमंत्री की पहल एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी ने बताया कि 17 दिसंबर से अब तक 25 शिविर आयोजित हुए हैं, जिनमें 14,864 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया तथा 7,940 प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविरों में 32,816 लोगों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न विभागों से जुड़ी 1,316 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 683 का मौके पर निस्तारण किया गया, शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया है।

शिविर में शिकायतों का किया निस्तारण
रूद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत कोट बंगार में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आयोजित बहुद्देशीय शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और 30 से अधिक शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। शिविर में विभिन्न विभागों के सूचना व सेवा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
शिविर में दर्ज र्हु 56 शिकायतें
पौड़ी। विकासखंड द्वारीखाल की पुल्यासू न्याय पंचायत में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 56 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 16 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही 250 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि विधायक रेनू बिष्ट ने अधिकारियों से जनसमस्याओं के संवेदनशील समाधान का आह्वान किया।

शिविर में 82 शिकायतों का हुआ निस्तारण
उत्तरकाशी। न्याय पंचायत जिब्या में आयोजित जन सेवा शिविर में 1500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में कुल 107 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 82 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। आग से झुलसे बच्चे के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन स्वीकृति की तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। शिविर में दर्जाधारी राज्यमंत्री गीता राम गौड़, राम सुंदर नौटियाल, जिला पंचायत सदस्य सरिता देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य और अन्य अधिकारी व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
