हल्द्वानी में नितिन लोहनी हत्याकांड: राजनीतिक संरक्षण और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल

हल्द्वानी। 23 वर्षीय युवक नितिन लोहनी की गोली मारकर हत्या कोई साधारण अपराध नहीं है, बल्कि भाजपा शासन में पनप रही आपराधिक संरचना का भयावह उदाहरण है, जहाँ सत्ता का संरक्षण अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप है, वह भाजपा का पार्षद और मंडल उपाध्यक्ष है। इससे मामला और गंभीर हो जाता है।
कुछ महीने पहले पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करने की कोशिश की थी, तब कालाढूंगी से भाजपा विधायक बंशीधर भगत खुलेआम कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए और एसएसपी को धमकाते हुए कह रहे थे “इसे पहचान लो।” यह केवल धमकी नहीं, बल्कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। सवाल उठता है कि जब सत्ता अपराधियों की ढाल बन जाए, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? उत्तराखंड में अपराधियों को यह भरोसा कौन दे रहा है कि वे गोली चला सकते हैं और सुरक्षित रहेंगे? यह राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की पीड़ा और आक्रोश की आवाज़ है। मांग है कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष, तेज़ और उच्चस्तरीय जांच हो, आरोपी को किसी भी राजनीतिक संरक्षण के बिना कड़ी सज़ा मिले और यह तय किया जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। नितिन लोहनी को न्याय चाहिए, और जनता अब चुप नहीं रहेगी।
