चुनौतियाँ, नवाचार और 21वीं सदी के लिए मार्ग पर किया विचार विमर्श


रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने स्वास्थ्य और विकास पर केंद्रित ’’एहेड-2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’’ तथा एक पाँच-दिवसीय क्षमता-निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया। आईआईटी रुड़की की एहेड प्रयोगशाला द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत एवं विदेश से अग्रणी विद्वानों, नीति-निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और शोधकर्ताओं ने सहभागिता की।
सम्मेलन का विषय ’“स्वास्थ्य और विकास में वैश्विक व्यवधान: चुनौतियाँ, नवाचार और 21वीं सदी के लिए मार्ग”’ रहा, जिसमें स्वास्थ्य वित्तपोषण, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल स्वास्थ्य, पोषण, लैंगिक असमानता एवं वृद्धावस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उद्घाटन सत्र में आईआईटी रुड़की, एम्स ऋषिकेश एवं मानविकी विभाग के वरिष्ठ शिक्षाविदों ने नीति-आधारित अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन में विश्व बैंक, विदेशी विश्वविद्यालयों एवं राष्ट्रीय संस्थानों की भागीदारी रही। साथ ही “स्वास्थ्य और कल्याण में बड़े-पैमाने के डेटा विश्लेषण” पर पाँच-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। एहेड-2025 ने स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में नीति एवं शोध के बीच सेतु को सशक्त किया।

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