कांग्रेस सहित उत्तराखंड क्रांतिदल ने किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। विकासनगर के बाबूगढ़ क्षेत्र में उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के नृशंस हत्याकांड में वांछित वीआईपी को संरक्षण देने के आरोपों को लेकर उत्तराखंड क्रान्ति दल ने राज्य सरकार के विरुद्ध जोरदार रैली निकालकर पुतला दहन किया। कार्यक्रम के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने सरकार की चुप्पी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उत्तराखंड क्रान्ति दल ने इस हत्याकांड को सत्ता-संरक्षित हत्या करार देते हुए कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है। दल ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कथित दोषी नेताओं को बिना राजनीतिक दबाव के तुरंत गिरफ्तार किया जाए। दल ने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक सड़क, सदन और जनआंदोलनकृतीनों स्तरों पर संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष जयकृष्ण सेमवाल ने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच से सरकार की भूमिका पर सवाल उठाना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी, कार्रवाई में देरी और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश संदेह को और गहरा करती है। उन्होंने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट पर साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला उपाध्यक्ष मायाराम मंगाई ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की लाखों बेटियों की अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए तो यह साफ होगा कि सरकार दोषियों को बचा रही है। वरिष्ठ नेत्री अमरावती नेगी ने भाजपा के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे को पाखंड बताते हुए सरकार पर लोकतंत्र और संविधान के अपमान का आरोप लगाया। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ शहर उपाध्यक्ष रेखा थपलियाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्रीनगर में न्याय को लेकर निकाली पदयात्रा
श्रीनगर में उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल जी के नेतृत्व में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पदयात्रा के उपरांत गोला बाजार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रदेश की अस्मिता और न्याय व्यवस्था पर गहरा सवाल है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की एकमात्र मांग है कि इस प्रकरण में पूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई से कराई जाए तथा सभी संदिग्धों का नार्काे टेस्ट कराया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष सड़कों से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

भाजपा विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा
ऋषिकेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब नहीं मिलने से आक्रोशित महिला कांग्रेस ने सरकार और यमकेश्वर की भाजपा विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोक दिया। पुलिस कार्रवाई से नाराज महिला कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार मामले में सच्चाई छिपा रही है और दोषियों को बचाया जा रहा है।

रूद्रपुर में जनाक्रोश मार्च निकालकर जताया विरोध
रुद्रपुर में उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के साथ हुए जघन्य अन्याय के विरोध में विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में विशाल जनाक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान जयपुर विधायक आदेश चौहान, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा भुल्लर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी शामिल हुए। मार्च के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड की तत्काल एवं निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग करते हुए रुद्रपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन न्याय, सत्य और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह जनआंदोलन पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

गदरपुर में भी किया जोरदार प्रदर्शन
अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गदरपुर तहसील के बाहर जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया गया और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि अंकिता हत्याकांड केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। महीनों बाद भी न्याय न मिलना सरकार की संवेदनहीनता दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष सीबीआई जांच और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग करते हुए कहा कि यह संघर्ष न्याय, सत्य और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए है, जो न्याय मिलने तक जारी रहेगा।

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