सहकार से समृद्धि: उत्तराखंड में वर्ष 2026 को सहकारिता सशक्तिकरण का वर्ष घोषित


देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। वर्ष 2026 उत्तराखंड में सहकारिता के सशक्तिकरण और ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने का वर्ष होगा। राज्य सरकार किसानों, श्रमिकों, काश्तकारों, कारीगरों और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बहुआयामी कार्ययोजनाओं पर सक्रिय है। ग्रामसभा स्तर पर सहकारी समितियों की स्थापना कर प्रत्येक वर्ग को सहकारिता से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्य सहकारिता नीति, राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप तैयार की जाएगी, जिससे समितियों में स्वायत्तता, पारदर्शिता और प्रक्रियाओं की सरलता सुनिश्चित होगी। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के तहत उत्तराखंड में पीएमयू की स्थापना की जाएगी, ताकि युवाओं को करियर और शोध के अवसर उपलब्ध हो सकें।
राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों में 177 रिक्त पदों पर आईबीपीएस के माध्यम से पारदर्शी भर्ती की जाएगी। सहकारी समितियों में 30 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है, जिससे 280 से अधिक समितियों में महिलाएं अध्यक्ष बनी हैं। रेहड़ी-ठेली व्यवसायी, दैनिक मजदूर और छोटे स्वरोजगारियों को सहकारी बैंकिंग से जोड़कर आसान ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में सहकारिता आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनेगी।

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