जिलाधिकारी ने परखी चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व संरक्षण पर दिया ज़ोर

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित तिमली मार्ग पर जिला चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 1098 टोल फ्री नंबर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के पंजीकरण, संकटग्रस्त व गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों, बाल श्रम, बाल विवाह, शोषण व उत्पीड़न की रोकथाम, रेस्क्यू, काउंसलिंग, अस्थायी आश्रय एवं मेडिकल सहायता की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों के हित और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बच्चों की काउंसलिंग एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण प्रक्रिया तथा वात्सल्य योजना की समीक्षा की। उन्होंने पात्र बच्चों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, फंडिंग की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों के हित और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बच्चों की काउंसलिंग एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण प्रक्रिया तथा वात्सल्य योजना की समीक्षा की। उन्होंने पात्र बच्चों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, फंडिंग की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद मुख्यालय स्थित बालिका एवं बालक अंबेडकर छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, भोजन एवं मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने माह में एक बार नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, मेस व्यवस्था सुधारने, पोषणयुक्त भोजन हेतु निर्धारित मेनू प्रदर्शित करने तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बालिका छात्रावास में बाथरूम, कमरों एवं मेस की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल व विद्युत व्यवस्था सुधारने को कहा गया। छात्राओं से संवाद कर उन्होंने उनकी समस्याएं जानीं।
