अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को कटघरे में लाने की मांग को लेकर निकाली पदयात्रा

हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्ण न्याय की मांग को लेकर आज हरिद्वार में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) एवं मूल निवास भू-कानून समिति के संयुक्त नेतृत्व में जनाक्रोश रैली का आयोजन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेते हुए लगभग दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालकर अपना आक्रोश और असंतोष प्रकट किया।

जनाक्रोश रैली के दौरान नवोदय चौक पर प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग को लेकर जोरदार नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह प्रतीकात्मक विरोध सरकार की चुप्पी और संवेदनहीन रवैये के खिलाफ जनता की मजबूरी को दर्शाता है। रैली के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने धामी सरकार का पुतला दहन कर सरकार की निष्क्रियता और मामले में हो रही देरी के खिलाफ रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हत्याकांड में समय-समय पर नए-नए वीआईपी नाम सामने आ रहे हैं, इसके बावजूद सरकार मौन रहकर अपने प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष सुरेश मोहन अन्थवाल ने कहा कि सरकार की चुप्पी उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं मोर्चा के हरिद्वार संयोजक अमरदीप सिंह ‘राबिन’ ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड के हर दोषी को कानून के कटघरे में खड़ा कर सख्त सजा नहीं दी जाती, तब तक जनता चौन से नहीं बैठेगी।
रैली में मूल निवास भू-कानून समिति, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि यह जनआंदोलन पूरे उत्तराखंड में तब तक जारी रहेगा, जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता।
