संघर्ष, त्याग और जनसेवा को समर्पित रहा स्व. इंद्रमणि बडोनी का संपूर्ण जीवन: मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के गांधी के नाम से विख्यात, महान राज्य आंदोलनकारी श्री इंद्रमणि बडोनी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बडोनी के राज्य निर्माण आंदोलन में दिए गए अमूल्य योगदान को भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा को समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंद्रमणि बडोनी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को दिशा और जनशक्ति प्रदान की। उनके विचार, संकल्प और राज्यहित के प्रति निस्वार्थ सेवा भाव आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके आदर्शों पर चलते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सतत् कार्य कर रही है।

स्व. इद्रमणि बडोनी का था राष्ट्र के प्रति अमूल्य योगदान: राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ की जयंती पर राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया है। पूर्व संध्या में जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ न केवल उत्तराखण्ड की गौरवशाली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महान नायक हैं, जिनका जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि पेशावर कांड के दौरान वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ द्वारा निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाने के आदेश को अस्वीकार करना उनके अद्वितीय साहस, नैतिक दृढ़ता और मानवीय मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। यह ऐतिहासिक निर्णय उनके अटूट राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदना को सदैव रेखांकित करता रहेगा।

इंद्रमणि बडोनी के चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो/हरेंद्र बिष्ट।
थराली। राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में उत्तराखंड के गांधी मानें जाने वाले मशहूर उत्तराखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की 100वें जन्मदिवस को भव्य रूप से मनाया गया। इस मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महविद्यालय तलवाडी में स्वर्गीय बडोनी की जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ.सेराज मोहम्मद एवं मुख्य अतिथि एडवोकेट यशपाल फर्स्वाण द्वारा इंद्रमणि बडोनी छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. निशा ढौंडियाल के निर्देशन में कुमाऊनी एवं गढ़वाली संस्कृति पर आधारित नृत्य, गायन आदि रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर डॉ. ललित जोशी एवं डॉ.खेमकरण ने इंद्रमणि बडोनी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर डॉ. नीतू पांडे, मनोज कुमार, मोहित उप्रेती, अनुज कुमार, डॉ. जमशेद ने अंसारी,योग प्रशिक्षक कुशालानंद सती, सुनील कुमार सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
श्रीनगर गढ़वाल। सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर गढ़वाल में स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। माताओं, शिक्षिकाओं और छात्राओं ने गढ़वाली परिधानों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 15 विद्यार्थियों की माताओं को कमला नेहरू पुरस्कार 2025 के अंतर्गत सम्मानित किया गया।
स्व. इंद्रमणि बडोनी को दी श्रद्धांजलि
रूद्रप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय में स्व. इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती पर प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस मौके पर डॉ. रजनी रौथाण, योग प्रशिक्षिका भुवनेश्वरी, एनएसएस नोडल अधिकारी श्रीकांत नौटियाल आदि उपस्थित थे।

कविताओं के माध्यम से किया बडोनी को याद
चमोली। स्व. इंद्रमणि बडोनी के 100वें जन्मदिवस पर जिला पंचायत सभागार में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी गौरव कुमार ने दीप प्रज्वलित कर एवं छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने सबका मन मोह लिया। कवियों ने गढ़वाली रचनाओं के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को उजागर किया। कवियों को डीएफओ एवं अपर मुख्य अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।
इन्द्रमणि बड़ोनी का जीवन त्याग, संघर्ष और जनसेवा का प्रतीक
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायक स्व. इन्द्रमणि बड़ोनी की 100वीं जयंती जनपद में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। जिला कार्यालय में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बड़ोनी जी का जीवन त्याग, सादगी और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। हमें उनके आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और राज्य के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य करना चाहिए। मौके पर अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
