अष्टमी की रात गर्भगृह से बाहर निकली मां काली की डोली

रुद्रप्रयाग। अष्टमी की रात कालीमठ मंदिर में मां काली की डोली गर्भगृह से बाहर निकली। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तीर्थ पुरोहितों और पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मां की कुंडी का पुराना पानी निकालकर नया पानी भरा गया। डोली ने मंदिर प्रांगण का भ्रमण किया और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर समिति के वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि परंपरानुसार अष्टमी और नवमी पर यहां मेला लगता है। ग्राम प्रधान प्रदीप राणा ने बताया कि मेले में क्षेत्र की दिशा-धियाणियां मायके पहुंचकर मां को चुनरी और नए अनाज का भोग अर्पित करती हैं।
