33 से अधिक परिवारों के सामने छाया आजीविका का संकट

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
थराली। चेपड़ो गांव के 33 से अधिक दुकानदारों के परिवारों के सामने अब आजीविका का संकट छाने लगा हैं।उनकी समझ में नही आ रहा हैं कि निकट भविष्य में वें अपने परिवारों का लालन-पालन करें तों आखिर करें कैसे।
आम तौर पर बरसात में शांति पूर्वक बहने वाला चेपड़ो गद्देरे ने 22 अगस्त को देर रात जो कहर बरपाया आज पांचवें दिन भी उसकी यादें कर चेपड़ो के वासिंदे याद कर सिहर उठ रहें हैं। दरअसल 22 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद तेज बारिश के बीच चेपड़ो गद्देरे की पहाड़ी पर बादलों के फटने के बाद जिस तरह से पानी का सैलाब चेपड़ो बाजार पर टूटा और उसने देखते ही देखते दशकों से अपनी आजीविका को चलाने के लिए बनाई गई दुकानों और उसमें रखे सामान को दुकानदारों के आंखों के सामने ही तहस-नहस कर दिया उसे देख दुकानदार पूरी तरह से हताश एवं निराश हो कर रह गयें हैं। दुकानों के मकानों के क्षतिग्रस्त होने और इनमें रखें लाखों का सामना नष्ट हो जाने के बाद अब दुकानदारों के सामने आजीविका का संकट छाने लगा हैं। नियमानुसार व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मुवावजे का विशेष कोई भी प्राविधान नही है, परंतु पिछले दिनों जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली के आपदा पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की उससे दुकानदारों में कुछ उम्मीदें जगी है, विशेष राहत पैकेज में किस तरह के राहत दी जाएगी वह तो नियमावली आने के बाद ही पता चल पाएगा।चेपड़ो के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह रावत ने आशा जताई है कि विशेष राहत पैकेज में निश्चितासन ही दुकानदारों को काफी लाभ मिलेगा।
पूर्व में सिंचाई विभाग में कार्यरत एवं देवाल के विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि चपड़ो में 1989 में भी इस गद्देरे में बाढ़ के कारण काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद यहां पर गद्देरे के दोनों ओर सिंचाई विभाग के द्वारा तटबंध बनाएं अधिकांश तटबंध तो सुरक्षित हैं, किंतु फल्ट इतना बड़ा आया कि तटबंधों के ऊपर से मलुवा,पत्थर,बोल्डर, पेड़ चेपड़ो के बाजार क्षेत्र में आ घुसा और तबाही मचा दी।2013 की आपदा में भी पिंडर नदी किनारे की कुछ मकाने क्षतिग्रस्त हो गई थी। किंतु जितना नुकसान 22 अगस्त की आपदा में जितना नुकसान हुआ उतना पहले कभी नही हुआ हैं।
थराली। उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट ने बताया कि चेपड़ो में राजस्व विभाग की टीम ने आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत जांच शुरू कर दी हैं, जांच पूरी कर तत्काल रिपोर्ट जिला प्रशासन एवं शासन को भेजी जाएगी।
थराली। पांच दिनों से बंद थराली -देवाल-वांण राजमार्ग थराली से ल्वाणी तक यातायात के लिए खुल गया हैं। निर्माण खंड लोनिवि थराली के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि सड़क थराली,सौगाव,चेपड़ो,कोठी, इच्छोली, हाटकल्याणी, स्लाइड जोन ल्वाणी आदि स्थानों पर सड़क को मशीनों के सहयोग से खोल दिया गया। वांण तक सड़क को खोलने जाने का प्रयास लगातार जारी हैं। डिवीजन की अन्य सड़कों को भी खोलें जाने के प्रयास जारी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
error: Content is protected !!