स्वदेशी क्रांति से ही जीता जाएगा अर्थव्यवस्था का रण: प्रो. सुनील बत्रा
हरिद्वार। आईसीएआई की हरिद्वार शाखा में नव प्रवेशी सीए प्रशिक्षुओं के साथ प्रसिद्ध वाणिज्यशास्त्री प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए उच्च टैरिफ पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
प्रो. बत्रा ने कहा कि भारत एक विशाल बाजार है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में स्वदेशी उत्पादों और तकनीकों को बढ़ावा देने वाली स्वदेशी क्रांति ही आर्थिक संकट का समाधान बन सकती है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय उत्पादों के लिए नए वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे और विदेशी कूटनीति को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं के पलायन को रोकने के लिए तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही, वैश्विक व्यापार में डॉलर के बजाय अन्य देशों की करेंसी को प्राथमिकता देने से रुपया सशक्त होगा।
इस अवसर पर सीए प्रशिक्षुओं ने कहा कि यह युवा भारत है और यह अमेरिका के टैरिफ का जवाब स्वदेशी समर्थन से देगा। कार्यक्रम में ओम गुप्ता, अभिषेक गुसाईं, हर्षित अवस्थी, अंशिका धीमान, शिवांश, खुशी, तनिश कुमार मेहरा, अक्षरा, ईशा थपलियाल, कृष्णा अग्रवाल, आशीष वार्ष्णेय और तनुश अग्रवाल उपस्थित रहे।