संत के साथ मारपीट और धमकी ने खोली कानून-व्यवस्था की पोल
हरिद्वार। भीमगोड़ा में हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वामी ओमानंद, पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट और भाजपा मंडल महामंत्री देवेश ममगाई ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला भवन के पास प्राचीन वट वृक्ष के आसपास सफाई और सौंदर्यकरण के दौरान मुकेश अग्रवाल और उनके पुत्र अमित अग्रवाल ने न केवल रोक-टोक की बल्कि अभद्रता और हाथापाई भी की।
स्वामी ओमानंद ने कहा कि उन्होंने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। देवेश ममगाई पर हाथ उठाया गया और स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें और पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट को फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। कैलाश भट्ट ने साफ कहा कि यह कांग्रेस और भाजपा का मामला नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था का प्रश्न है।
वरुण बालियान ने आरोप लगाया कि हरिद्वार में राजनीतिक संरक्षण के चलते गुंडागर्दी बढ़ रही है और प्रशासन दबाव में है। उन्होंने कहा कि एक संत के साथ सरेआम मारपीट और धमकी यह दर्शाती है कि शहर में असामाजिक तत्व हावी हो रहे हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया तो वे पैदल मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे और बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन को पक्षपात छोड़ निष्पक्ष कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा जनाक्रोश बढ़ेगा।
पत्रकार वार्ता में भाजपा मंडल महामंत्री देवेश ममगाई, वरुण बालियान, बलराम गिरी कड़क, विमल शर्मा साट्टू, गौरव उपाध्याय, शिवम गिरी, मोहन उपाध्याय, प्रवीन जोशी, अवनीश, दीपक पहाड़ी, एडवोकेट मयंक त्यागी और कैश खुराना सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।